Hindalco Industries अपने भविष्य को सुरक्षित करने और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कमर कस चुकी है। कंपनी ने ओडिशा में ₹25,500 करोड़ का जबरदस्त निवेश करने का फैसला किया है। इस कुल निवेश में से ₹21,000 करोड़ का इस्तेमाल ओडिशा के आदित्य एल्युमीनियम कॉम्प्लेक्स में स्मेल्टर क्षमता को 3.6 लाख टन प्रति वर्ष बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
इसके साथ ही, कंपनी ने ₹4,500 करोड़ की लागत से फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट्स (FRP) और बैटरी-ग्रेड एल्युमीनियम फॉयल के लिए एक नई फैसिलिटी भी शुरू की है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1.7 लाख टन होगी। यह फैसिलिटी भारत में पहली ऐसी है जो 100 GWh तक की लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन की गई है। इन रणनीतिक कदमों का मकसद देश में EV और ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बैटरी मटीरियल का उत्पादन स्थानीय स्तर पर करना और उच्च-ग्रेड एल्युमीनियम उत्पादों के आयात पर निर्भरता को कम करना है। बता दें कि भारत में EV मार्केट के 2032 तक $17.88 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो सालाना 19.0% की दर से बढ़ रहा है।
Hindalco का बोर्ड 22 मई, 2026 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी देने और डिविडेंड पर विचार करने के लिए बैठक करेगा। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 (जो 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुआ) के नतीजों में कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और EBITDA दर्ज किया था, जिसके बाद बोर्ड ने ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की थी। वहीं, Q4 FY25 में नेट प्रॉफिट स्थिर रहा, जिसका श्रेय ग्लोबल चुनौतियों और एल्युमीनियम की गिरी कीमतों को दिया गया, और ₹3.50 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया गया था।
शेयरों की परफॉरमेंस की बात करें तो, Hindalco के शेयर हाल ही में ₹854.65 पर बंद हुए, जो 1.71% की बढ़त दिखाता है। इस साल अब तक शेयर में 4.70% की गिरावट आई है, हालांकि पिछले एक साल में इसमें 21.58% का इजाफा हुआ है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो मार्च 2026 तक लगभग 10.89x से 12.09x के बीच रहने का अनुमान है, जो भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के औसत 20.1x और प्रतिस्पर्धियों के 18x की तुलना में काफी बेहतर है।
हालांकि, ₹25,500 करोड़ जैसे बड़े निवेशों के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। ग्लोबल कमोडिटी कीमतों, खासकर LME एल्युमीनियम की अस्थिरता, मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2026 में एल्युमीनियम का सरप्लस बढ़ेगा और कीमतें गिरेंगी। इसके अलावा, स्थापित ग्लोबल प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा और संभावित टैरिफ जैसी व्यापार नीतियां भी आयात पर निर्भरता कम करने के लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ एनालिस्टों ने कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन, बड़े निवेश प्लान और मिली-जुली सेगमेंट परफॉर्मेंस को लेकर सतर्कता बरती है।
बावजूद इसके, ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म Hindalco को ग्रोथ के रास्ते पर सकारात्मक मान रही हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने ₹770 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने ₹790 के टारगेट पर 'BUY' रेटिंग दी है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी 'Buy' रेटिंग दी है, जो कंपनी के मजबूत मार्जिन और Novelis के प्रदर्शन को पहचानती है।