Hindalco Industries ने अमेरिकी कंपनी AluChem के साथ अपनी प्रस्तावित डील को रद्द कर दिया है। जून 2025 में घोषित यह सौदा रेगुलेटरी मंजूरियों में देरी के चलते पूरा नहीं हो सका, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उनके प्रोडक्शन लक्ष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
डील क्यों हुई रद्द?
Hindalco Industries ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका स्थित स्पेशलिटी एल्यूमिना कंपनी AluChem के साथ हुए $12.5 करोड़ के अधिग्रहण सौदे को खत्म करने का ऐलान किया है। 1 अक्टूबर, 2026 को आई इस खबर ने उन निवेशकों को चौंका दिया है, जो 16 महीने से इस डील के पूरा होने का इंतजार कर रहे थे।
इस कैंसलेशन की मुख्य वजह अमेरिका में चल रही लंबी रेगुलेटरी समीक्षा प्रक्रिया है। यह सौदा CFIUS (Committee on Foreign Investment in the United States) की जांच के दायरे में था। अमेरिकी सरकार के शटडाउन और लंबी समीक्षा के कारण अनिश्चितता का माहौल बन गया था, जिसके चलते दोनों कंपनियों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया।
क्या है कंपनी का आगे का प्लान?
निवेशकों के मन में बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे Hindalco का स्पेशलिटी एल्यूमिना पोर्टफोलियो प्रभावित होगा? कंपनी मैनेजमेंट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। Hindalco अभी भी 2030 फाइनेंशियल ईयर तक 10 लाख टन स्पेशलिटी एल्यूमिना क्षमता हासिल करने के अपने लक्ष्य पर मजबूती से कायम है।
अमेरिका में Hindalco का दबदबा बरकरार
भले ही यह डील पूरी नहीं हुई, लेकिन अमेरिका में Hindalco की मौजूदगी बहुत मजबूत है। कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Novelis का संचालन जारी रखेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमीनियम रिसाइकिलर है। इसके अलावा, अलाबामा के बे मिनेट (Bay Minette) में बन रहा इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम प्लांट कंपनी के बड़े कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम का मुख्य हिस्सा बना हुआ है।
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए इंटरनल प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएगी या किसी और कंपनी के अधिग्रहण का रास्ता अपनाएगी।
