नतीजों ने मचाया धमाल: रेवेन्यू और मुनाफे में भारी उछाल
Hind Rectifiers Limited (BSE: 504036, NSE: HIRECT) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाते हैं।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस:
कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 44.0% बढ़कर ₹2,432.71 मिलियन रहा। वहीं, नौ महीनों की अवधि में रेवेन्यू 45.7% बढ़कर ₹6,851.92 मिलियन दर्ज किया गया। मुनाफे की बात करें तो, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q3 FY26 में 37.2% बढ़कर ₹137.28 मिलियन पर पहुंच गया। नौ महीनों के लिए यह आंकड़ा 52.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹412.90 मिलियन रहा। प्रति शेयर आय (EPS) में भी 36.8% का सुधार देखा गया, जो Q3 FY26 में ₹7.99 रही।
कंसॉलिडेटेड परफॉर्मेंस:
समग्र प्रदर्शन को देखें तो, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू Q3 FY26 में 64.2% बढ़कर ₹2,773.89 मिलियन हो गया। कंसॉलिडेटेड PAT तिमाही में 26.9% बढ़कर ₹126.97 मिलियन रहा, और नौ महीनों में 48.1% बढ़कर ₹401.86 मिलियन दर्ज किया गया। कंसॉलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) में 29.8% की वृद्धि हुई, जो ₹7.58 पर था।
एकमुश्त खर्च का प्रभाव:
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि नए लेबर कोड्स के लागू होने के कारण एम्प्लॉई बेनिफिट प्रोविजन में एकमुश्त बढ़ोतरी के चलते स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड दोनों स्टेटमेंट में ₹12.77 मिलियन का एक एक्सेप्शनल लॉस (Exceptional Loss) दर्ज किया गया।
🚀 शेयरधारकों को मिलेगा तोहफा और वैश्विक विस्तार की ओर कदम
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कई अहम फैसले लिए हैं जो भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का संकेत देते हैं:
- 1:1 बोनस शेयर: बोर्ड ने 1:1 के रेशियो में बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि हर एक शेयर रखने वाले शेयरधारक को एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। यह कदम फ्री रिजर्व्स को कैपिटलाइज करके शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और स्टॉक की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
- सब्सिडियरी में निवेश: कंपनी अपनी सब्सिडियरी Coincade Studios Private Limited में ₹0.9 मिलियन का निवेश करेगी, जिससे उसकी पूंजीगत स्थिति मजबूत होगी और विस्तार को बल मिलेगा।
- वैश्विक विस्तार की योजना: Hind Rectifiers लिमिटेड अब सक्रिय रूप से ग्लोबल बिजनेस के विस्तार के लिए एक्विजिशन (Acquisition) के अवसरों का मूल्यांकन कर रही है। कंपनी नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पैठ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने को तैयार है।
- कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन (ESOPs): Hirect Employees Stock Option Plan 2018 के तहत 100,000 अतिरिक्त एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शंस को ₹800 प्रति ऑप्शन के ग्रांट प्राइस पर मंजूरी दी गई है, जिससे कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ से जोड़ा जाएगा।
👀 आगे क्या?
Hind Rectifiers का मुख्य फोकस रणनीतिक अधिग्रहणों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाना है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और बाजार की मांग को दिखाता है। हालांकि, वैश्विक विस्तार की सफलता सही अधिग्रहण लक्ष्यों को चुनने और विभिन्न देशों के रेगुलेटरी माहौल को समझने पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजरें अब कंपनी की ग्लोबल इंटीग्रेशन स्ट्रेटेजी और संभावित तालमेल पर टिकी होंगी।