दमदार नतीजों से Hind Rectifiers में उत्साह
Hind Rectifiers Limited ने 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अपने रेवेन्यू में 64.2% की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर ₹277.4 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में भी 44.9% की ज़बरदस्त बढ़त देखी गई और यह ₹25.5 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी के शुद्ध लाभ (PAT) में भी 30.1% की वृद्धि हुई और यह ₹13 करोड़ रहा।
हालांकि, मार्जिन के मोर्चे पर कुछ नरमी देखी गई। EBITDA मार्जिन में 120 बेसिस पॉइंट (bps) की कमी आई। कंपनी ने इसका कारण कॉपर कंडक्टर्स प्लांट के विस्तार में किए गए निवेश और सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी को बताया है। साथ ही, लेबर कानूनों में बदलाव के कारण कर्मचारी लाभ देनदारियों में बढ़ोतरी के चलते ₹1.3 करोड़ का एक असाधारण खर्च भी दर्ज किया गया।
नौ महीनों का प्रदर्शन भी शानदार
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में भी Hind Rectifiers का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 52.9% बढ़कर ₹719.3 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA ₹75.7 करोड़ रहा, जो 10.5% का मार्जिन दर्शाता है। इस अवधि में PAT 48.2% बढ़कर ₹40.2 करोड़ तक पहुँच गया।
भविष्य की राह: बोनस, नई रणनीति और विस्तार
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। यानी, हर मौजूदा शेयर के बदले एक नया शेयर मिलेगा।
नए ग्लोबल सीईओ, डगलस बेली (Douglas Bailey) के नेतृत्व में, Hind Rectifiers एक महत्वाकांक्षी रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का मुख्य फोकस लागत दक्षता बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। इसके लिए, कंपनी अपने सिनार (Sinnar) प्लांट में स्पेशलाइज्ड कॉपर कंडक्टर्स के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) पर काम कर रही है। इस प्रोजेक्ट का पूरा फायदा दूसरी तिमाही (Q2 FY27) से दिखने की उम्मीद है।
BeLink Solutions के साथ इंटीग्रेशन भी जारी है, जिससे ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करने और प्रिंटेड इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश की जा रही है, खासकर यूरोपीय रेलवे और डिफेंस सेक्टर में। इसके अलावा, कंपनी के प्रोपल्शन सिस्टम के लिए वेस्टर्न रेलवे के साथ ट्रायल शुरू हो गए हैं, जो अगले तीन से चार महीनों में पूरे होने की उम्मीद है।
आउटलुक और निवेश
कंपनी का अनुमान है कि चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी विकास की यह रफ्तार जारी रहेगी और अगले फाइनेंशियल ईयर में भी लगभग 30% की ग्रोथ बनी रहेगी। दूसरी तिमाही FY27 से नई कॉपर कंडक्टर फैसिलिटी के पूरी क्षमता से काम करने के बाद मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
Hind Rectifiers ने FY26 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) के तौर पर लगभग ₹60 करोड़ का अनुमानित खर्च रखा है। कंपनी ने अपनी सहायक कंपनी, Coincade Studios Private Limited में ₹90 लाख का निवेश भी किया है।
इन मजबूत नतीजों और रणनीतिक पहलों के साथ, Hind Rectifiers भविष्य में बेहतर ग्रोथ और लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।