Himadri Speciality Chemical ने बैटरी और एनर्जी ट्रांजिशन मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए **₹1,613 करोड़** के बड़े एक्सपेंशन प्लान का ऐलान किया है। कंपनी लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) और हाई-वैल्यू कार्बन मटेरियल्स पर जोर दे रही है, जिसे अगले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बड़े निवेश की पूरी योजना
कंपनी ने अपने कारोबार को नए और हाई-ग्रोथ सेक्टर्स की ओर मोड़ने का फैसला किया है। इस ₹1,613 करोड़ के बड़े कैपेक्स (Capex) का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी ₹1,125 करोड़, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी और एनर्जी स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाले 'लिथियम आयरन फॉस्फेट' की नई फैसिलिटी लगाने में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, ₹70 करोड़ का निवेश कार्बन नैनोट्यूब्स (Carbon Nanotubes) के प्रोडक्शन के लिए तय किया गया है, जो एडवांस एनर्जी स्टोरेज की परफॉर्मेंस सुधारने में मदद करेगा।
पोर्टफोलियो में होगा विस्तार
बैटरी मटीरियल के अलावा, कंपनी अपने मौजूदा पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए ₹418 करोड़ का निवेश करेगी। इसमें ₹248 करोड़ स्पेशलिटी केमिकल्स के लिए और ₹170 करोड़ सुपर-स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक के लिए रखे गए हैं। यह रणनीति कंपनी को बेसिक कार्बन प्रोडक्ट्स पर निर्भरता कम करके बेहतर प्रॉफिट मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की ओर ले जाने की है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
हालांकि यह कंपनी के लिए एक ग्रोथ फेज है, लेकिन निवेशकों को इसके एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) पर नजर रखनी चाहिए। इतने बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी या लागत बढ़ने की गुंजाइश हमेशा रहती है। साथ ही, कंपनी की बैलेंस शीट और डेट लेवल (Debt level) पर इस निवेश का क्या असर पड़ेगा, यह भी देखने वाली बात होगी। लंबी अवधि के लिए, भारत में EV एडॉप्शन की रफ्तार ही इस प्लांट की सफलता का असली पैमाना होगी।
