Hettich India अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी बेंगलुरु और कोलकाता में दो नए स्किलिंग इंस्टीट्यूट खोल रही है, जहाँ कारीगरों को एडवांस्ड मॉड्यूलर फर्नीचर इंस्टॉलेशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस पहल का मकसद ऑर्गेनाइज्ड फर्नीचर हार्डवेयर इंडस्ट्री में स्किल की कमी को पूरा करना है।
क्या है Hettich India की स्ट्रेटेजी?
जर्मनी की Hettich Group और Adventz Group की जॉइंट वेंचर, Hettich India, भारत में अपने ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है। कंपनी बेंगलुरु और कोलकाता में दो नए स्किलिंग सेंटर स्थापित कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय फर्नीचर फिटिंग्स इंडस्ट्री में टेक्निकल स्किल्स की कमी को दूर करना है, ताकि लोकल कारपेंटर मॉडर्न, मॉड्यूलर फर्नीचर सिस्टम को अच्छी तरह से हैंडल कर सकें।
स्किल डेवलपमेंट का महत्व
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम सिर्फ एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा है। मॉड्यूलर फर्नीचर सेगमेंट में, सही इंस्टॉलेशन प्रोडक्ट की परफॉरमेंस और कस्टमर की संतुष्टि के लिए बहुत जरूरी है। एडवांस्ड मशीनरी और इंस्टॉलेशन टेक्निक्स का इस्तेमाल करके, Hettich India अपने हाई-एंड हार्डवेयर सॉल्यूशंस को अपनाने को बढ़ावा देना चाहती है। भारत में स्मार्ट, स्पेस-एफिशिएंट इंटीरियर्स की बढ़ती डिमांड के बीच, इन डिजाइनों को लागू करने के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरूरत एक बड़ी बाधा बन गई है, जिसे Hettich India अब दूर करने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल, कंपनी सालाना करीब 6,000 कारपेंटरों को ट्रेन करती है। साथ ही, यह इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITIs) के साथ मिलकर मॉड्यूलर प्रोडक्ट इंस्टॉलेशन की टेक्निकल ट्रेनिंग को मौजूदा वोकेशनल करिकुलम में शामिल करने पर काम कर रही है। इस प्रयास का लक्ष्य ऐसी वर्कफोर्स तैयार करना है जो प्रीमियम, मैकेनाइज्ड फर्नीचर हार्डवेयर के साथ सहज हो, जिससे कंपनी को कॉम्पिटिटिव मार्केट में अपनी पहचान बनाने में मदद मिले।
मार्केट का परिदृश्य और ग्रोथ प्लान
हालांकि भारतीय फर्नीचर हार्डवेयर इंडस्ट्री का कुल बाजार करीब $4 बिलियन का है, लेकिन ऑर्गेनाइज्ड सेगमेंट, जहाँ Hettich का मुकाबला है, करीब $1.2 बिलियन का योगदान देता है। कंपनी को एक बड़े, स्थापित अनऑर्गेनाइज्ड मार्केट से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ता है, जो इंडस्ट्री का लगभग 70% हिस्सा है। इस चुनौती से निपटने के लिए, Hettich India 'एक्सपीरियंस सेंटर्स' के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, और अगले तीन सालों में इन सेंटर्स की संख्या 52 से बढ़ाकर 100 करने की योजना है।
फाइनेंशियल फ्रंट पर, कंपनी ने 31 मार्च, 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी लोकलइज्ड R&D में लगातार निवेश कर रही है। बेंगलुरु में एक R&D सेंटर स्थापित करके, कंपनी अपने प्रोडक्ट डिजाइनों को भारतीय ग्राहकों की आदतों और स्पेस की कमी के हिसाब से ढालने की कोशिश कर रही है, जो यूरोपीय बाजारों से काफी अलग है।
इंडस्ट्री का भविष्य और ध्यान देने योग्य बातें
इस सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन साइकिल से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में ज्यादा एक्टिविटी से आमतौर पर मॉड्यूलर इंटीरियर्स की डिमांड बढ़ती है। हालांकि, मार्केट के बिखरे हुए और प्राइस-सेंसिटिव होने के कारण, Hettich जैसी कंपनियों की टियर-2 और टियर-3 शहरों में ग्रोथ, एंड-यूजर्स और कारपेंटर कम्युनिटी के बीच ब्रांड लॉयल्टी बनाए रखने पर निर्भर करेगी, जो अक्सर खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करते हैं। इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स कंपनी के एक्सपीरियंस सेंटर विस्तार की योजनाओं और नए, छोटे बाजारों में स्पेशलाइज्ड हार्डवेयर को अपनाने की दर पर नजर रखेंगे।
