HeidelbergCement Share Price: लागतों का बोझ, मुनाफा 37% गिरा! जानें पूरी कहानी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
HeidelbergCement Share Price: लागतों का बोझ, मुनाफा 37% गिरा! जानें पूरी कहानी

HeidelbergCement India के लिए जून तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का मुनाफा **36.7%** घटकर **₹30.55 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू में **5.1%** की बढ़त दर्ज की गई। बढ़ी हुई लागतों, खासकर रॉ मटेरियल और फ्यूल की कीमतों ने कंपनी के मार्जिन पर भारी दबाव डाला है।

रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफे पर गिरी गाज!

HeidelbergCement India लिमिटेड ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 36.7% गिरकर ₹30.55 करोड़ पर आ गया है। इससे पिछली तिमाही में यह आंकड़ा ₹45.21 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 5.1% बढ़कर ₹628.11 करोड़ हो गया। सेल्स वॉल्यूम में 3.6% की बढ़त देखी गई, जो 1,299 किलोटन रही। कंपनी को रियलाइजेशन प्राइस में भी 1.5% का मामूली सुधार देखने को मिला।

लागतों ने कैसे घटाया मुनाफा?

बढ़े हुए रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी की कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट प्रति टन 6.4% बढ़ गई। इसकी मुख्य वजह रॉ मटेरियल और फ्यूल की बढ़ी हुई कीमतें रहीं। इनपुट कॉस्ट बढ़ने और ग्राहकों पर पूरा बोझ न डाल पाने के कारण कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर गहरा असर पड़ा।

EBITDA और ऑपरेशनल एफिशिएंसी

कंपनी का EBITDA, जो इसके कोर बिजनेस ऑपरेशन से होने वाला मुनाफा है, 24.5% गिरकर ₹66.8 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन भी घटकर 10.6% पर आ गया, जो पिछले साल 14.8% था। प्रति टन EBITDA में तो 27.1% की भारी गिरावट दर्ज की गई।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी पर फोकस कर रही है। कंपनी के अनुसार, अल्टरनेट फ्यूल्स अब उसके एनर्जी मिक्स का 12% हिस्सा हैं और बिजली की कुल खपत का आधा से ज्यादा हिस्सा नॉन-ग्रिड, कैप्टिव या रिन्यूएबल सोर्स से आ रहा है।

भविष्य की योजनाएं और वित्तीय स्थिति

HeidelbergCement India अपनी ग्रोथ के लिए निवेश जारी रखे हुए है। कंपनी ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक नया सीमेंट ब्लेंडिंग और ग्राइंडिंग यूनिट लगाने की औपचारिक मंजूरी हासिल कर ली है। यह विस्तार मध्य भारत में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।

लिक्विडिटी की बात करें तो, कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है। 30 जून 2026 तक कंपनी के पास ₹472.6 करोड़ का कैश और बैंक बैलेंस था। नतीजों के बाद, BSE पर कंपनी का शेयर ₹156.75 पर बंद हुआ था।

आगे चलकर निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी नई क्षमता निर्माण के साथ वॉल्यूम ग्रोथ कैसे बनाए रखती है। साथ ही, वैश्विक फ्यूल और रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे स्थिर कर पाती है, यह देखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.