Havells India Share Price: भारी मुनाफा या ऑपरेटिंग स्ट्रगल? नतीजों में छिपा सच!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Havells India Share Price: भारी मुनाफा या ऑपरेटिंग स्ट्रगल? नतीजों में छिपा सच!
Overview

Havells India ने Q4 FY26 में **₹723 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **39.6%** ज्यादा है। यह बड़ी बढ़ोतरी कंपनी के Goldi Solar में किए गए निवेश से हुए **₹283 करोड़** के फायदे के कारण आई है। हालांकि, कंपनी के मुख्य बिज़नेस की ग्रोथ धीमी रही और मार्जिन में भी कमी आई है।

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मुनाफे में उछाल, पर कोर बिज़नेस पर दबाव

Havells India का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट Q4 FY26 में 39.6% बढ़कर ₹723 करोड़ रहा। इस आंकड़े में Goldi Solar में ₹283 करोड़ के फेयर वैल्यू गेन का बड़ा योगदान था, जिसने कंपनी के मुख्य बिज़नेस की कमजोर परफॉरमेंस को छुपा दिया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में सिर्फ 2.47% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹6,705 करोड़ रहा। ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी में भी गिरावट देखने को मिली, EBITDA 3.6% घटकर ₹729 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट गिरकर 10.9% पर आ गया। इसका मतलब है कि कंपनी इनपुट कॉस्ट बढ़ने के बावजूद पूरी तरह से प्राइस हाइक को ग्राहकों पर पास नहीं कर पाई।

सेगमेंट में मिली-जुली तस्वीर

Havells के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में परफॉरमेंस मिली-जुली रही। Wires & Cables सेगमेंट ने प्राइस एडजस्टमेंट और अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर 14% का रेवेन्यू ग्रोथ दिखाया, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग डिमांड का फायदा उठा रहा है। दूसरी ओर, Electrical Consumer Durables (ECD) सेगमेंट में फैंस और एयर कूलर्स की कमजोर डिमांड के चलते रेवेन्यू में 2% की गिरावट देखी गई। Lloyd कंज्यूमर बिज़नेस में तो रेवेन्यू 19% तक गिर गया, जो इस यूनिट को सुधारने में लगातार चुनौतियों को दिखाता है। लाइटिंग का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। Goldi Solar से बूस्ट हुआ 'Others' सेगमेंट तेजी दिखा रहा है। स्विचगियर सेगमेंट में रियल एस्टेट और प्रोजेक्ट डिमांड के सहारे 6.5% की ग्रोथ दर्ज की गई।

इंडस्ट्री में भी मांग कमजोर, पर कॉम्पिटिशन बढ़ा

Q4 FY26 में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में मांग धीमी रही। कूलिंग प्रोडक्ट्स पर गर्मी की देरी और बेमौसम बारिश का असर दिखा, जो पहले किए गए प्राइस हाइक से और बिगड़ गया। जहां इंडस्ट्री का रेवेन्यू 7% बढ़ने का अनुमान था, वहीं कमोडिटी कॉस्ट के दबाव के चलते अर्निंग्स गिरने की उम्मीद थी। Havells के मुकाबले Polycab India जैसी कंपनियों ने 46.12% की कहीं ज़्यादा मजबूत Q4 रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो Havells के मार्केट शेयर कैप्चर करने में पिछड़ने का संकेत देता है।

वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई पर चिंता

शॉर्ट-टर्म ऑपरेशनल प्रेशर के बावजूद, Havells India का स्टॉक अभी भी ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY28e P/E मल्टीपल 42x पर था, जबकि TTM P/E अप्रैल 2026 तक करीब 55x-64x के आसपास था। यह वैल्यूएशन, धीमी रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन प्रेशर को देखते हुए काफी ज़्यादा लग रहा है। एनालिस्ट्स बंटे हुए हैं, हालांकि 'Buy' रेटिंग का कंसेंसस है, लेकिन Morgan Stanley जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउसेस की ओर से कमजोर अर्निंग विजिबिलिटी और मार्जिन प्रेशर के कारण 'Underweight' रेटिंग देना चिंता का विषय है। कंपनी के स्टॉक परफॉरमेंस में भी कमजोरी दिखी है, जो मार्च 2026 में ₹1,200 के 52-हफ्ते के लो तक गिर गया था। Goldi Solar जैसे निवेशों से फायदे पर निर्भरता और Lloyd जैसे सेगमेंट्स में लगातार स्ट्रगल, कंपनी की बिक्री वॉल्यूम बढ़ाए बिना कमाई बढ़ाने की क्षमता पर सवाल खड़े कर रहा है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.