Havells India: केबल क्षमता में भारी बढ़ोतरी, ₹255 करोड़ का बड़ा निवेश

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Havells India: केबल क्षमता में भारी बढ़ोतरी, ₹255 करोड़ का बड़ा निवेश

Havells India अपने कर्नाटक प्लांट में केबल प्रोडक्शन कैपेसिटी को **60%** बढ़ाने के लिए **₹255 करोड़** का निवेश कर रही है। यह विस्तार **दिसंबर 2027** तक पूरा होने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी के हालिया बैटरी एनर्जी स्टोरेज मार्केट में प्रवेश के साथ जुड़ा हुआ है।

केबल प्रोडक्शन पर बड़ा दांव

Havells India Ltd. ने अपने कर्नाटक स्थित वासंथनारसापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, तुमकुर प्लांट में कैपिटल एक्सपेंशन (Capital Expansion) का ऐलान किया है। कंपनी ₹255 करोड़ का निवेश करके अपनी सालाना केबल उत्पादन क्षमता को 60% तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इस प्रोजेक्ट के बाद प्लांट की उत्पादन क्षमता मौजूदा 4,59,600 किमी प्रति वर्ष से बढ़कर 7,34,640 किमी प्रति वर्ष हो जाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि यह बढ़ी हुई क्षमता दिसंबर 2027 तक तैयार हो जाएगी।

प्रोडक्शन और कैपिटल एलोकेशन

यह पूरा निवेश कंपनी अपने इंटरनल एक्रुअल्स (Internal Accruals) यानी अपनी कमाई से कर रही है, जिसके लिए कोई नया कर्ज नहीं लिया जाएगा। यह कर्नाटक प्लांट की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इससे पहले भी कंपनी ने इसी प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹450 करोड़ का कमिटमेंट किया था, जिसमें से ₹285 करोड़ पहले ही खर्च हो चुके हैं। इस लगातार निवेश से कंपनी भारत में इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखती है।

एनर्जी स्टोरेज में नई शुरुआत

अपने पारंपरिक इलेक्ट्रिकल गुड्स के अलावा, Havells नए टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में भी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा रही है। कंपनी ने हाल ही में नॉर्वे की Pixii AS के साथ मिलकर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) मार्केट में कदम रखा है। इस कोलैबोरेशन का फोकस घरों, व्यवसायों और औद्योगिक यूजर्स के लिए एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस तैयार करना है। कंपनी अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का इस्तेमाल इन सॉल्यूशंस को लॉन्च करने के लिए करेगी, और भविष्य में भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग की भी योजना है।

फाइनेंशियल और निवेशकों के लिए अहम पहलू

Havells India एक ऐसे कॉम्पिटिटिव सेगमेंट में काम करती है जहाँ अक्सर रॉ मैटेरियल (Raw Material) जैसे कॉपर और एल्यूमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दबाव बना रहता है, जो केबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी हैं। इंटरनल फंडिंग से कंपनी पर तुरंत कर्ज का बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन इन एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स की सफलता रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में केबल की डिमांड पर निर्भर करेगी। निवेशक Vasanthnarasapura प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन (Execution Timeline) पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि किसी भी देरी से रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। साथ ही, रॉ मैटेरियल की वोलेटिलिटी (Volatility) के बीच हेल्दी प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) बनाए रखने की कंपनी की क्षमता शेयरहोल्डर्स के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनी रहेगी।

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