निवेश से चमका मुनाफा, पर असलियत कुछ और
Havells India ने Q4 FY26 में 40.6% की जोरदार बढ़त के साथ ₹734 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखाया। पर, investors की चिंताएं तब बढ़ीं जब पता चला कि इस प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा, यानी ₹283 करोड़, Goldi Solar में किए गए निवेश के वैल्यूएशन में बढ़ोतरी से आया है। यह एक बार का फायदा था जिसने कंपनी के अंदरूनी कामकाज की कमजोरियों को ढक दिया। कंपनी का टोटल रेवेन्यू साल-दर-साल 2.5% बढ़कर ₹67.1 अरब रहा, जो उम्मीदों से काफी कम था। खासतौर पर, Lloyd सेगमेंट में 19% की भारी गिरावट आई, और इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (ECD) में भी 2% की कमी देखी गई। मैनेजमेंट ने इसकी वजह गर्मियों में देरी और नई एनर्जी एफिशिएंसी नियमों के चलते इन्वेंट्री एडजस्टमेंट को बताया। नतीजों के बाद शेयर में गिरावट ने investors की आय की गुणवत्ता (earnings quality) और भविष्य की डिमांड को लेकर चिंताओं को साफ कर दिया।
केबल और वायर्स की चमक, कंज्यूमर सेगमेंट फीका
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह रही कि केबल और वायर्स (Cables and Wires) डिवीजन ने 14% की शानदार ग्रोथ दर्ज की। इंडस्ट्रियल पावर केबल्स की डिमांड बढ़ने से इस सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, कंपनी का EBITDA 4.4% घटकर ₹7.3 अरब रह गया, और मार्जिन भी घटकर 10.9% हो गए (पिछले साल 11.6% थे)। गोल्डि सोलर के फायदे को छोड़ दें तो, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 6.7% गिरकर ₹4.9 अरब पर आ गया, जो कोर बिजनेस की कमजोरी को दिखाता है। मैनेजमेंट का कहना है कि Lloyd के इन्वेंट्री लेवल अप्रैल 2026 तक सामान्य हो जाएंगे, और कंपनी 5% से 20% तक की कीमतें बढ़ाएगी।
ऊंचे वैल्यूएशन पर सवाल, इंडस्ट्री भी मुश्किल में
Havells India का शेयर फिलहाल अपने प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 45.55x से 59.5x पर ट्रेड कर रहा है। यह अपने कॉम्पिटिटर्स Crompton Greaves Consumer Electricals (30x-35x) और Polycab India (40x-55x) के मुकाबले काफी महंगा है। इंडस्ट्री की बात करें तो, भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर धीमी कंज्यूमर खर्च और बढ़ती लागतों के चलते दबाव में है। जनवरी 2026 से लागू होने वाले ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के कड़े नियम भी प्रोडक्ट मिक्स और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में, Havells का यह प्रीमियम वैल्यूएशन सवालों के घेरे में है।
एनालिस्ट्स की चिंताएं: मार्जिन, कॉम्पिटिशन और गाइडेंस
कई एनालिस्ट्स ने Havells India के कामकाज और भविष्य के मुनाफे को लेकर चिंता जताई है। Morgan Stanley ने मैक्रो इकोनॉमिक दबाव और कॉम्पिटिशन को देखते हुए स्टॉक को 'Underweight' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹1,171 कर दिया है। Motilal Oswal ने भी 'Neutral' रेटिंग दी है, जो मार्जिन प्रेशर की ओर इशारा करता है। कॉम्पिटिशन के मुकाबले कम आकर्षक वैल्यूएशन वाले Crompton और Polycab से मुकाबला करना कंपनी के लिए चुनौती है। कंपनी ने FY27 के लिए कोई ग्रोथ गाइडेंस भी नहीं दिया है, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है। पिछले एक साल में शेयर में करीब 17-22% की गिरावट भी निवेशकों की इन चिंताओं को दर्शाती है।
आगे क्या? मिक्स्ड व्यू के बीच बड़े निवेश की योजना
बाजार के जानकारों की राय बंटी हुई है। LKP Research ने ₹1,450 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि 36 एनालिस्ट्स का औसत टारगेट ₹1,494 है, जो 'Buy' की सलाह दे रहा है। हालांकि, Jefferies ने 'Hold' और Citi ने 'Neutral' रेटिंग दी है, वहीं Morgan Stanley 'Underweight' पर है। Havells India ने FY27 के लिए ₹8 अरब का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) प्लान किया है, जिसमें केबल कैपेसिटी बढ़ाना और नया R&D सेंटर शामिल है। कंपनी ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी प्रस्ताव दिया है। निवेशक अब कीमतों में बढ़ोतरी का असर, इन्वेंट्री का सामान्य होना और कॉम्पिटिशन के बीच ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ाने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखेंगे।
