Happy Steels के IPO में निवेशकों ने दूसरे दिन भी ज़ोरदार दिलचस्पी दिखाई है। रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की भारी मांग के चलते IPO अब तक **2.4** गुना सब्सक्राइब हो चुका है। यह कंपनी ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और मौजूदा कर्ज चुकाने के लिए ₹25 करोड़ जुटा रही है।
Happy Steels, जो पंजाब की एक प्रमुख ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स निर्माता कंपनी है, के IPO में बोलियां लगाने का दूसरा दिन निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक रहा। 10 जुलाई, 2026 को IPO बिडिंग के दूसरे दिन के अंत तक, यह इश्यू 2.4 गुना सब्सक्राइब हो गया। कंपनी इस इश्यू के ज़रिए कुल ₹25 करोड़ जुटाना चाहती है, और यह 13 जुलाई तक खुला रहेगा।
इस IPO में 37.88 लाख शेयर्स शामिल हैं, जिनकी प्राइस बैंड ₹62 से ₹66 प्रति शेयर तय की गई है। दूसरे दिन के मार्केट डेटा के अनुसार, 27.12 लाख शेयर्स के मुकाबले लगभग 65.02 लाख शेयर्स के लिए बोलियां आईं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (जिनमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स शामिल हैं) ने इस इश्यू में सबसे ज़्यादा लीड ली है, उनका हिस्सा 4.74 गुना सब्सक्राइब हुआ है। वहीं, रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 2.76 गुना सब्सक्राइब हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने अभी तक अपने कोटे का 62% हिस्सा लिया है।
IPO फंड का इस्तेमाल
1996 में स्थापित यह कंपनी ऑटोमोटिव सप्लाई चेन में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और विभिन्न Tier-I सप्लायर्स को पार्ट्स सप्लाई करती है। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल तीन मुख्य क्षेत्रों में किया जाएगा। सबसे बड़ा हिस्सा, ₹13.15 करोड़, कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रखा गया है। इससे अतिरिक्त प्लांट और मशीनरी खरीदी जाएगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ेगी। इसके अलावा, ₹4.98 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा, जो कि कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने और इंटरेस्ट कॉस्ट को कम करने में मदद करेगा। बाकी बची राशि का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
एंकर निवेशक राउंड
जनता के लिए IPO खुलने से पहले, कंपनी ने 8 जुलाई को एंकर निवेशक राउंड पूरा किया था। Happy Steels ने तीन एंकर इन्वेस्टर्स - PESB Alpha Fund, Securocorp Bharat Amritkaal Fund I, और Shine Star Build Cap - को 10.76 लाख शेयर्स अलॉट करके ₹7.1 करोड़ जुटाए थे। ये शेयर्स प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे, यानी ₹66 प्रति शेयर पर अलॉट किए गए थे। एंकर निवेशक की भागीदारी को अक्सर बाजार में एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जाता है, हालांकि यह भविष्य में स्टॉक के प्रदर्शन की गारंटी नहीं है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
जैसे-जैसे IPO बिडिंग 13 जुलाई तक जारी रहेगी, निवेशकों को अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर्स पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर इंस्टीट्यूशनल बायर्स की भागीदारी पर। कंपनी की विस्तार योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह नई मशीनरी को कितनी प्रभावी ढंग से स्थापित और उपयोग कर पाती है। इसके अलावा, चूंकि कंपनी ऑटोमोटिव सेक्टर को सप्लाई करती है, इसलिए उसका भविष्य रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन, ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स की ओवरऑल डिमांड और सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगा। IPO के बाद कंपनी के डेट लेवल पर नज़र रखना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह देखा जा सके कि कर्ज चुकाने से उसकी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी में कितना सुधार होता है।
