Happy Forgings: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में मुनाफा **15%** बढ़ा, कंपनी कर रही बड़ा विस्तार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Happy Forgings: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में मुनाफा **15%** बढ़ा, कंपनी कर रही बड़ा विस्तार
Overview

Happy Forgings Limited ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के **प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT)** में पिछले साल की तुलना में **15.20%** का जोरदार उछाल आया है, जो **₹83.93 करोड़** पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी ने **₹32 करोड़** में लुधियाना में जमीन खरीदने का ऐलान भी किया है, जिससे भविष्य के विस्तार के संकेत मिलते हैं।

नतीजों का पूरा ब्यौरा

Happy Forgings Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने मजबूत वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने लगातार ग्रोथ और विस्तार योजनाओं पर जोर दिया है।

मुख्य आंकड़े:

  • रेवेन्यू (Revenue): Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 12.74% बढ़कर ₹399.47 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹354.32 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर रेवेन्यू में 4.13% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) में रेवेन्यू 8.55% बढ़कर ₹1,147.26 करोड़ हो गया।
  • मुनाफा (Profitability): Q3 FY26 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹72.85 करोड़ से 15.20% बढ़कर ₹83.93 करोड़ पर पहुंच गया। QoQ आधार पर PAT में 24.03% की शानदार वृद्धि देखी गई। नौ महीनों में PAT में 26.28% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई और यह ₹269.99 करोड़ रहा।
  • मार्जिन और EPS: Q3 FY26 में PAT मार्जिन बढ़कर 21.01% हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 20.56% था। नौ महीनों के लिए PAT मार्जिन 23.53% रहा, जो पिछले साल के 20.23% से काफी बेहतर है। बेसिक ईपीएस (Earnings Per Share) Q3 FY26 में 28.43% बढ़कर ₹23.13 हुआ, जबकि नौ महीनों का ईपीएस 28.57% बढ़कर ₹85.63 दर्ज किया गया।

IPO फंड का इस्तेमाल और विस्तार की योजना

बैलेंस शीट और कैश फ्लो: 31 दिसंबर, 2025 तक, Happy Forgings ने अपने IPO से मिले ₹152.76 करोड़ का इस्तेमाल डेट चुकाने (debt repayment) में किया है। इसके अलावा, ₹94.66 करोड़ प्लांट और मशीनरी (plant and machinery) पर खर्च किए गए हैं, और ₹53.94 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए इस्तेमाल हुए। अभी ₹76.47 करोड़ की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेशित है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity ratio) लगभग 0.10-0.11 (मार्च 2025 तक) है, जो एक मजबूत वित्तीय स्थिति दर्शाता है।

विस्तार की ओर कदम: कंपनी के बोर्ड ने लुधियाना में करीब 10.5 एकड़ जमीन ₹32 करोड़ में खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह कदम भविष्य में क्षमता विस्तार (capacity expansion) और दीर्घकालिक विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कंपनी का आकलन है कि नए लेबर कोड (Labour Codes) का उसके वित्तीय पर तत्काल कोई खास असर नहीं पड़ेगा, हालांकि इस पर नजर रखी जा रही है। IPO फंड का उपयोग डेट चुकाने और कैपेक्स में करने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है और परिचालन क्षमताएं बढ़ी हैं, जो भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की ओर इशारा करती हैं।

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