Hindusthan National Glass & Industries (HNGIL) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को रफ्तार देने के लिए **₹500 करोड़** तक खर्च करने की तैयारी में है। Independent Sugar Corporation द्वारा **2025** में अधिग्रहण के बाद, कंपनी अपने ऑपरेशंस को फिर से पटरी पर लाने में जुटी है।
ऑपरेशंस में जबरदस्त वापसी
Independent Sugar Corporation द्वारा ₹2,250 करोड़ के अधिग्रहण के बाद, HNGIL लगातार अपने प्रोडक्शन फुटप्रिंट को बढ़ाने का काम कर रही है। कंपनी अब तक अपनी बंद पड़ी यूनिट्स को पुनर्जीवित करने के लिए ₹700 करोड़ का निवेश कर चुकी है। इसके परिणामस्वरूप, हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित फैसिलिटी में दूसरी भट्टी (furnace) फिर से शुरू की गई है, जिससे वहां की दैनिक उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 600 टन तक पहुँच गई है।
कंपनी की मौजूदा दैनिक ऑपरेशनल कैपेसिटी 2,500 से 2,600 टन के बीच पहुंच गई है, जो दिवालियापन के दौर के 1,100 टन के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।
चुनौतियां और रणनीति
ग्लास मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के सामने फ्यूल और नेचुरल गैस की कीमतों की बड़ी चुनौती है, जो कंपनी के कुल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 25% हिस्सा कवर करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन अब पुडुचेरी और नायडुपेटा जैसे प्लांट्स को ऑप्टिमाइज़ करने पर ध्यान दे रहा है। कंपनी केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि यूरोप के मार्केट में भी अपनी पैठ बनाने की तैयारी कर रही है ताकि अपनी कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस का फायदा उठाया जा सके।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बढ़ी हुई कैपेसिटी कंपनी के बॉटम-लाइन (मुनाफे) में तब्दील हो पाएगी। आने वाली तिमाहियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स यह तय करेंगे कि यह बड़ा निवेश कंपनी के मार्जिन्स को मजबूती देने में कितना कामयाब रहा है।
