HLE Glascoat के शेयरों में आज भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के जून तिमाही के नतीजे उम्मीदों से काफी कमजोर रहे, जिसके चलते स्टॉक **20%** गिरकर ₹379.60 पर आ गया। इस गिरावट की मुख्य वजह नेट प्रॉफिट में **81%** की भारी कमी है।
मुनाफे में भारी गिरावट, रेवेन्यू में मामूली बढ़त
HLE Glascoat ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों को झटका देने वाले रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 81.23% घटकर सिर्फ ₹2.77 करोड़ रह गया। यह गिरावट तब आई है जब कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 5.92% की मामूली बढ़त के साथ ₹300.75 करोड़ का आंकड़ा पार किया। साफ है कि कंपनी की लागत बढ़ी है और वह इसे अपने मुनाफे में तब्दील नहीं कर पाई।
वैश्विक अनिश्चितता का असर
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि इस खराब प्रदर्शन के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आर्थिक अस्थिरता का बड़ा हाथ है। इन वजहों से कंपनी के ऑर्डर्स में देरी हुई, खासकर हीट ट्रांसफर सेगमेंट में। जब प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो फिक्स्ड कॉस्ट का बोझ बढ़ जाता है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ता है।
ऑर्डर बुक अभी भी मजबूत
हालांकि, कंपनी की तरफ से एक अच्छी खबर भी आई है। 30 जून, 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹662.1 करोड़ था, जो 31 जुलाई, 2026 तक बढ़कर ₹713.8 करोड़ हो गया। यह दिखाता है कि केमिकल प्रोसेस इक्विपमेंट जैसे फिल्ट्रेशन और ड्राइंग सिस्टम की मांग अभी भी बनी हुई है। मैनेजमेंट का मानना है कि तिमाही के दूसरे हिस्से में ग्राहक पूछताछ बढ़ी है और रुके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे होने लगे हैं।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने मौजूदा ऑर्डर बुक को कितनी जल्दी रेवेन्यू में बदल पाती है और सबसे महत्वपूर्ण, अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे सुधार पाती है। आने वाली तिमाहियों के नतीजों से पता चलेगा कि क्या यह मार्जिन दबाव एक बार की घटना थी या यह कंपनी के लिए एक लंबी चुनौती बनने वाली है। वैश्विक हालात सामान्य होने पर ही कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को वापस पटरी पर ला पाएगी।
