मुनाफे में गिरावट, रेवेन्यू में उछाल: HLE Glascoat के तिमाही नतीजे
HLE Glascoat Limited ने हाल ही में अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने टॉप-लाइन पर दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 41.35% की ज़बरदस्त बढ़त दर्ज की है। यह रेवेन्यू ₹326.57 करोड़ रहा, जो पिछले साल की Q3 में ₹231.03 करोड़ था।
पिछले नौ महीनों (Nine Months) की बात करें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 38.53% बढ़कर ₹961.29 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹693.88 करोड़ था।
प्रॉफिट पर बड़ा असर: एक्सेप्शनल आइटम्स और सेगमेंट लॉस
लेकिन, बॉटम-लाइन यानी प्रॉफिट पर इस तिमाही में काफी दबाव देखने को मिला। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 55.26% की भारी गिरावट आई और यह ₹4.60 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹10.28 करोड़ था। इस गिरावट की मुख्य वजह ₹3.18 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स थे। इनमें एक एक्विजिशन से जुड़े ट्रांजेक्शन कॉस्ट (₹1.11 करोड़) और नए लेबर कोड्स के लागू होने के कारण ₹2.07 करोड़ का अनुमानित अतिरिक्त खर्च शामिल है।
कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी 67.98% घटकर ₹3.65 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹11.41 करोड़ था। डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी Q3 FY25 के ₹1.24 से गिरकर Q3 FY26 में ₹0.41 हो गया।
नौ महीनों की अवधि में, PBT 20.68% बढ़कर ₹45.70 करोड़ और PAT 20.91% बढ़कर ₹36.42 करोड़ दर्ज किया गया।
सेगमेंट परफॉर्मेंस और आगे की राह
एक चिंताजनक बात यह रही कि कंपनी के ग्लास लाइन्ड प्रोडक्ट्स सेगमेंट ने Q3 FY26 में ₹7.00 करोड़ का PBIT लॉस दर्ज किया। इसके विपरीत, फिल्ट्रेशन, ड्राइंग और अन्य इक्विपमेंट, साथ ही हीट ट्रांसफर इक्विपमेंट सेगमेंट ने पॉजिटिव PBIT दर्ज किया।
कंपनी ने नतीजों के साथ किसी तरह की फॉरवर्ड गाइडेंस या मैनेजमेंट कमेंट्री जारी नहीं की है। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट की रणनीति पर टिकी रहेंगी कि कैसे वे एक्सेप्शनल खर्चों के प्रभाव को कम करते हैं और ग्लास लाइन्ड प्रोडक्ट्स सेगमेंट में हुए लॉस की भरपाई करते हैं।