HG Infra Engineering को राजस्थान में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) को आधुनिक बनाने के लिए **₹241 करोड़** का प्रोजेक्ट मिला है, जिसमें कंपनी सबसे कम बोली लगाकर L1 बिडर बनी है। यह **10 साल** का कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा कदम है, जो इसे पारंपरिक रोड और हाईवे कंस्ट्रक्शन से आगे बढ़ाकर डायवर्सिफाई करेगा।
नई राह पर HG Infra Engineering
HG Infra Engineering Ltd. ने अपनी विविधीकरण (diversification) की रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी राजस्थान में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के आधुनिकीकरण के लिए ₹241 करोड़ के प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाली (L1 bidder) कंपनी बनी है। यह प्रोजेक्ट स्किल, एम्प्लॉयमेंट और एन्टरप्रेन्योरशिप डिपार्टमेंट (Department of Skill, Employment & Entrepreneurship) द्वारा दिया गया है, जिसका उद्देश्य भिवाड़ी क्लस्टर में सरकारी वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है।
यह विकास केंद्र सरकार की ITI अपग्रेडेशन की राष्ट्रीय योजना (National Scheme for ITI Upgradation) का हिस्सा है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत, HG Infra अगले 10 सालों तक इंफ्रास्ट्रक्चर डिलीवरी का प्रबंधन करेगी। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी रणनीतिगत बदलाव का संकेत है, क्योंकि HG Infra ऐतिहासिक रूप से रोड और हाईवे निर्माण पर ही केंद्रित रही है और अब सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है।
सिर्फ सड़कों से आगे
कंपनी अपने मुख्य हाईवे प्रोजेक्ट्स के अलावा अपने ऑर्डर बुक को सक्रिय रूप से बढ़ाने की कोशिश कर रही है। मई 2026 के अंत में, HG Infra ने REC Power Development and Consultancy Ltd. द्वारा प्रबंधित उत्तर प्रदेश में एक पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए भी बोली लगाने की अर्हता प्राप्त की थी। इस प्रोजेक्ट में 220/132/33 kV सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित करना शामिल है। ये नए प्रयास इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों द्वारा पावर और सोशल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में विविधीकरण की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा हैं, ताकि पारंपरिक रोड-बिल्डिंग टेंडरों पर निर्भरता कम की जा सके।
एक्जीक्यूशन और कॉन्ट्रैक्ट की स्थिति
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सबसे कम बोली लगाने वाला (L1) बनना केवल एक शुरुआती कदम है। अंतिम कॉन्ट्रैक्ट राजस्थान सरकार के साथ सभी आवश्यक तकनीकी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्भर करेगा।
HG Infra ने अपनी ऑर्डर बुक ग्रोथ के प्रति एक अनुशासित दृष्टिकोण दिखाया है। मई 2026 में, कंपनी ने संभावित एक्जीक्यूशन अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के दो प्रोजेक्ट्स को अपनी बुक्स से बाहर करने का फैसला किया था। इससे पता चलता है कि मैनेजमेंट सिर्फ ऑर्डर वॉल्यूम के बजाय प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता दे रहा है।
मार्केट और फाइनेंशियल संदर्भ
13 जुलाई 2026 को, HG Infra के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹567.30 पर बंद हुए, जो दिन के लिए 0.65% की मामूली बढ़त दर्शाता है। जैसे-जैसे कंपनी सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर ट्रांसमिशन जैसे नए क्षेत्रों में कदम रख रही है, निवेशकों के लिए मुख्य देखने योग्य बातें ये होंगी कि क्या ये L1 स्टेटस अंतिम अनुबंधों में सफलतापूर्वक बदलते हैं, प्रोजेक्ट कब तक शुरू होंगे, और ये गैर-सड़क प्रोजेक्ट कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन को उसके स्थापित हाईवे व्यवसाय की तुलना में कैसे प्रभावित करते हैं।
