NCLT, मुंबई ने 25 फरवरी, 2026 को Hindustan Foods Limited (HFL) के लिए इस अहम स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इस ऑर्डर के मुताबिक, Avalon Cosmetics Private Limited (ACPL) के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को HFL में डीमर्ज किया जाएगा, वहीं Vanity Case India Private Limited (VCIPL) का HFL में एमाल्गेशन होगा। यह योजना कंपनी रजिस्ट्रार के पास जरूरी रेगुलेटरी फाइलिंग्स (regulatory filings) पूरी होने के बाद प्रभावी होगी।
ACPL के बिजनेस के डीमर्जर की नियुक्त तिथि (appointed date) 1 अप्रैल, 2024 तय की गई है, जबकि VCIPL के एमाल्गेशन की नियुक्त तिथि 1 अक्टूबर, 2024 है।
यह क्यों मायने रखता है?
इस बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring) का मुख्य उद्देश्य HFL के बिजनेस ऑपरेशंस को कंसॉलिडेट करना है। इससे मैनेजमेंट का फोकस बढ़ेगा और कंपनी का बिजनेस स्केल भी ज्यादा होगा। Hindustan Foods Limited FMCG, ब्यूटी, फूड, फार्मास्यूटिकल्स, फुटवियर और अपैरल जैसे सेक्टर्स को सेवा देने वाली एक डायवर्सिफाइड कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है।
इस इंटीग्रेशन (integration) से ऑपरेशनल रैशनलाइजेशन (operational rationalization), बढ़ी हुई एफिशिएंसी और रिसोर्सेज का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद है, क्योंकि कॉम्प्लिमेंट्री बिजनेस को एक ही छतरी के नीचे लाया जा रहा है। HFL अपने ग्राहकों की सेवा के लिए पूरे भारत में कई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज चलाती है। ACPL की नशीक (Nashik) स्थित कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का इंटीग्रेशन इस सेगमेंट में और अधिक केंद्रित दृष्टिकोण बनाने में मदद करेगा।
शेयर स्वैप रेशियो (Share Swap Ratios) क्या हैं?
- ACPL के शेयरहोल्डर्स (shareholders) को उनके हर 100 ACPL इक्विटी शेयर्स (equity shares) के बदले 19 HFL इक्विटी शेयर्स मिलेंगे।
- VCIPL के शेयरहोल्डर्स को 4,64,58,145 HFL इक्विटी शेयर्स जारी किए जाएंगे।
किन जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए?
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) डिपार्टमेंट ने संकेत दिया है कि संबंधित एंटिटीज में से एक के खिलाफ कुछ जांच लंबित हैं, जिससे अतिरिक्त टैक्स देनदारियां (tax liabilities) उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने भी स्कीम से उत्पन्न होने वाले टैक्स के निहितार्थों (tax implications) की जांच करने और टैक्स चोरी का पता चलने पर उचित कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
आगे क्या देखना होगा?
- NCLT ऑर्डर और स्कीम ऑफ अरेंजमेंट की सर्टिफाइड कॉपी का कंपनी रजिस्ट्रार के पास फाइल होना।
- स्टाम्प ड्यूटी के निर्धारण के लिए सर्टिफाइड ऑर्डर का सुपरिंटेंडेंट ऑफ स्टैम्प्स को प्रस्तुत किया जाना।
- NCLT प्रक्रिया के दौरान आवेदक कंपनियों द्वारा दिए गए सभी अंडरटेकिंग्स (undertakings) का अनुपालन।
- आगामी इन्वेस्टर कॉल्स (investor calls) में इंटीग्रेशन की प्रगति और अपेक्षित सिनर्जीज (synergies) पर मैनेजमेंट की कमेंट्री।