HEG Ltd ने अपने कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने डी मर्जर (Demerger) के लिए 7 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट (Record Date) तय कर दी है। इस फैसले से कंपनी दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटीज (Listed Entities) में बंट जाएगी।
कंपनी का होगा बंटवारा: दो नई एंटिटीज का होगा गठन
HEG Ltd का बिजनेस अब दो भागों में बंट जाएगा। एक एंटिटी, जिसका नाम HEG Ltd ही रहेगा, पूरी तरह से ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड (Graphite Electrode) बनाने का काम करेगी। वहीं, दूसरी एंटिटी, जिसे HEG एडवांस्ड मैटेरियल्स (HEG Advanced Materials) नाम दिया जाएगा, एडवांस मैटेरियल्स, बैटरी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रीन पावर बिजनेस को संभालेगी। इस डी मर्जर के तहत, HEG के शेयरधारकों को नई ग्रेफाइट एंटिटी के 1:1 अनुपात में शेयर मिलेंगे।
Bhilwara Energy का भी होगा मर्जर
डी मर्जर के साथ-साथ, HEG, Bhilwara Energy Ltd को भी अपने में मर्ज (Merge) करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस मर्जर के तहत, Bhilwara Energy के हर 7 इक्विटी शेयर के बदले HEG के 8 इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹2) जारी किए जाएंगे। यह स्कीम 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो जाएगी, जो रिकॉर्ड डेट से ठीक पहले का समय है।
नेतृत्व में बदलाव और निवेशकों के लिए मायने
इस नए स्ट्रक्चर के तहत नेतृत्व की भी पुनर्व्यवस्था की गई है। रवि झुंझुनवाला ग्रेफाइट बिजनेस को चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ के तौर पर संभालेंगे। वहीं, रिजू झुंझुनवाला HEG एडवांस्ड मैटेरियल्स के चेयरमैन, एमडी और सीईओ होंगे।
निवेशकों के लिए यह डी मर्जर एक बड़ा बदलाव है। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस, जो कि स्टील इंडस्ट्री पर बहुत हद तक निर्भर है, थोड़ा मैच्योर बिजनेस माना जाता है और इसमें स्टील की डिमांड और कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। वहीं, HEG एडवांस्ड मैटेरियल्स का बिजनेस बैटरी के लिए सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मटेरियल और ग्राफीन जैसे नए और हाई-ग्रोथ वाले क्षेत्रों पर फोकस करेगा। इन नए सेगमेंट्स में भविष्य की ग्रोथ की अपार संभावनाएं तो हैं, लेकिन इसमें प्रोडक्शन बढ़ाने में देरी, टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश और मार्केट में अपनी जगह बनाने जैसी चुनौतियां भी हैं। investors को दोनों कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी।
