HEG Advanced Materials के शेयर में आज **8%** की जबरदस्त उछाल देखी गई। कंपनी को Indus Towers से **₹345 करोड़** के बड़े ऑर्डर मिले हैं। यह तेजी कंपनी के अपने पुराने ग्रेफाइट बिजनेस से अलग होकर एनर्जी स्टोरेज और एनोड मैटेरियल्स के नए भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का नतीजा है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी और ऑर्डर का जलवा
HEG Advanced Materials के शेयरों में यह हलचल उसकी सहायक कंपनी Replus Engitech के दम पर आई है। कंपनी को Indus Towers से लिथियम-आयन बैटरी बैंक की सप्लाई के लिए ₹345 करोड़ के दो नए कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। इसके अलावा, कंपनी ने अगले दो सालों में 1.5 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सप्लाई करने के लिए Indus Towers के साथ एक करार भी किया है। कंपनी अब लिथियम-आयन के साथ-साथ सोडियम-आयन बैटरी तकनीक पर भी रिसर्च कर रही है, जिससे पोर्टफोलियो और मजबूत होगा।
डीमर्जर और बदलती लीडरशिप
यह उछाल कंपनी के बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग के बीच आया है। कंपनी ने हाल ही में अपने पारंपरिक ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस को HEG Graphite Ltd के रूप में अलग कर दिया है। 7 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट तक के शेयरधारकों को इसके बदले नए शेयर मिले हैं। अब HEG Advanced Materials का पूरा फोकस हाई-ग्रोथ एनोड मैटेरियल्स, सिलिकॉन प्रोडक्शन और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
बदली हुई दिशा के साथ नेतृत्व में भी बदलाव हुआ है। डीमर्जर के बाद Ravi Jhunjhunwala नई ग्रेफाइट कंपनी की कमान संभाल रहे हैं, जबकि Riju Jhunjhunwala अब HEG Advanced Materials के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
हालांकि नए ऑर्डर पॉजिटिव संकेत हैं, लेकिन आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी BESS कैपेसिटी और एनोड प्रोडक्शन को कितनी तेजी से जमीन पर उतारती है। यह सेक्टर कैपिटल-इंटेंसिव है, इसलिए कंपनी के मार्जिन और नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कमीशनिंग पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
