साउथ कोरिया की दिग्गज कंपनी HD Hyundai ने थूथुकुडी में प्रस्तावित **$2 बिलियन** के शिपयार्ड प्रोजेक्ट के लिए अपनी टीम भेजी है। यह प्रोजेक्ट भारत के मैरीटाइम सेक्टर के लिए बड़ा कदम है, लेकिन जमीन अधिग्रहण और राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा जैसे पेंच अभी भी बरकरार हैं।
HD Hyundai का एक सीनियर डेलिगेशन हाल ही में तमिलनाडु के थूथुकुडी पहुंचा, जहां उन्होंने प्रस्तावित $2 बिलियन के शिपयार्ड के लिए साइट का जायजा लिया। यह वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के पास बनने वाला है और केंद्र सरकार की भारत में 5 बड़े शिपबिल्डिंग क्लस्टर बनाने की योजना का हिस्सा है।
रणनीति में बदलाव
निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि HD Hyundai ने अब अपनी स्ट्रैटेजी बदल ली है। कंपनी ने कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) के साथ अपनी प्रस्तावित जॉइंट वेंचर डील को खत्म कर दिया है और अब पूरी तरह से थूथुकुडी में अपना स्टैंडअलोन प्लांट खड़ा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे साफ है कि कंपनी भारत में अपना दबदबा और ऑपरेशनल कंट्रोल बढ़ाना चाहती है। ध्यान रहे कि HD Hyundai सीधे तौर पर भारतीय स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसका असर उनकी ग्लोबल परफॉर्मेंस पर ही दिखेगा।
जमीन का पेंच और राज्यों की होड़
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती 300 एकड़ साल्ट पैन जमीन का अधिग्रहण है, जिसे लेकर स्थानीय मालिकों का विरोध जारी है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सरकार भी इस निवेश को अपनी ओर खींचने की पूरी कोशिश कर रही है, जिससे तमिलनाडु के लिए इसे सुरक्षित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी इन जमीनी विवादों को कैसे सुलझाती है और कब इसे फाइनल अप्रूवल मिलता है।
