चौथी तिमाही में गिरावट की मुख्य वजहें
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹992.2 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹1,373.7 करोड़ था। वहीं, EBITDA में 60.2% की भारी गिरावट आई और यह ₹170.8 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹429.5 करोड़ था। इस कारण EBITDA मार्जिन भी घटकर 17.2% रह गया, जो पिछले साल 31.3% था।
पूरे साल के स्टैंडअलोन प्रॉफिट में 142% का बड़ा उछाल
तिमाही नतीजों में नरमी के बावजूद, HCC के लिए पूरा वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) शानदार रहा। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 142% बढ़कर ₹205.8 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) में ₹84.9 करोड़ था। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी ₹112.6 करोड़ से बढ़कर ₹165.5 करोड़ हो गया।
कर्ज में भारी कटौती और मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर यह है कि उसने अपने कर्ज में भारी कटौती की है। इस वित्तीय वर्ष के दौरान ₹3,197 करोड़ के कर्ज को घटाकर ₹1,995 करोड़ कर दिया गया है।
31 मार्च 2026 तक, HCC के पास ₹12,971 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक था। FY26 में कंपनी ने ₹4,554 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए, जिसमें ₹1,100 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर भी शामिल है। कंपनी की नजरें ₹25,760 करोड़ के मूल्यांकन वाले ऑर्डर पर हैं और FY27 की पहली छमाही में ₹43,800 करोड़ के नए ऑर्डर के लिए बोली लगाने की योजना है।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स में प्रगति
HCC ने मुंबई मेट्रो लाइन 3, अंजी खाद रेलवे ब्रिज (Anji Khad Railway Bridge) और टेहरी पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट (Tehri Pump Storage project) जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी प्रगति की है।
