HCC Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! 52-Week Low पर पहुंचा शेयर, कर्ज का भारी बोझ

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
HCC Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! 52-Week Low पर पहुंचा शेयर, कर्ज का भारी बोझ
Overview

Hindustan Construction Company (HCC) के शेयर में निवेशकों के लिए चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। स्टॉक अपने **52-Week Low** यानी एक साल के सबसे निचले स्तर **₹16.02** पर आ गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण कंपनी पर भारी कर्ज और लगातार बढ़ती लागत है।

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March 5, 2026 को Hindustan Construction Company (HCC) के शेयर की कीमत ₹16.02 के स्तर पर आ गिरी, जो पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर है। यह शेयर अपने हालिया हाई से लगभग 46.5% तक गिर चुका है। बाज़ार की नज़र में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी पर मंडराता भारी कर्ज का बोझ, बढ़ता ऑपरेशनल खर्च और प्रमोटर्स द्वारा किए गए लगभग 73% के शेयर की गिरवी (Pledge) ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

एक तरफ जहां शेयर अपने निचले स्तर पर है, वहीं दूसरी ओर कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) एक पहेली बना हुआ है। शुरुआती मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, HCC का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 74.84 तक पहुंच गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के औसत P/E 28.2x से काफी ज़्यादा है। जबकि Dilip Buildcon जैसी कंपनियां 4.41 के P/E पर ट्रेड कर रही हैं और Larsen & Toubro का P/E लगभग 29.48 है। यह दिखाता है कि बाज़ार भले ही कंपनी के भविष्य को लेकर आशंकित हो, लेकिन उसकी अर्निंग पोटेंशियल को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।

इस बीच, HCC का मैनेजमेंट अपने वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने के लिए तेज़ी से कदम उठा रहा है। कंपनी ने 2025 के अंत में ₹1,000 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) सफलतापूर्वक पूरा किया, जो 200% तक ओवरसब्सक्राइब हुआ था। इस फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। मैनेजमेंट की योजना Q3 2025-26 में ₹680 करोड़ का कर्ज चुकाने की थी और Q4 2025-26 में ₹876 करोड़ और चुकाने की तैयारी है। लक्ष्य नेट डेट को ₹1,950 करोड़ तक लाने का है।

31 दिसंबर 2025 तक, HCC के पास ₹13,148 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का हिस्सा 65% था। कंपनी अब रियल एस्टेट से हटकर न्यूक्लियर पावर, मेट्रो और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट जैसे स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है। हाल ही में एक ज्वाइंट वेंचर में ₹1,500 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है और ₹2,700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी HCC ही है। पटना मेट्रो और विष्णुगढ़–पिपुल्कोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम तेज़ी से चल रहा है।

बाज़ार की वर्तमान भावना (Market Sentiment) HCC के लिए नकारात्मक (Bearish) बनी हुई है। 3.44x का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो, बढ़ती लागत और गलाकाट प्रतिस्पर्धा (Competition) मार्जिन पर दबाव डाल रही है। ऐसे में, इन्वेस्टर मुकुल अग्रवाल (Mukul Agrawal) की हालिया हिस्सेदारी (Stake) एक दिलचस्प मोड़ है, जो शायद स्टॉक के प्रदर्शन और कंपनी के आंतरिक बदलावों के बीच एक तालमेल का संकेत देती है। हालांकि, कई ब्रोकरेज फर्मों ने 'Strong Buy' रेटिंग और बेहतर प्राइस टारगेट दिए हैं, लेकिन बाज़ार फिलहाल इन सकारात्मक अनुमानों पर भरोसा करने से कतरा रहा है।

आगे चलकर, HCC की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है और कर्ज घटाने की रणनीति पर कितना अमल कर पाती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि मार्च 2026 तक शेयर $104.00 तक जा सकता है, लेकिन बाज़ार के लिए फिलहाल कंपनी का हाई लेवरेज और वित्तीय दबाव ज़्यादा महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.