AMCA प्रोग्राम से बाहर होने का बड़ा असर, HAL के शेयरों में तूफानी गिरावट
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयर 4 फरवरी 2026 को 6% से ज़्यादा टूट गए। यह पिछले एक साल में आई सबसे बड़ी गिरावट में से एक है, ऐसा 3 फरवरी 2025 के बाद हुआ है। इस बड़ी गिरावट की वजह एक रिपोर्ट है जिसमें बताया गया है कि HAL को भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट प्रोग्राम, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया है।
क्यों HAL को किया गया बाहर?
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने नए नियम बनाए हैं, जिनके तहत किसी कंपनी की ऑर्डर बुक उसके रेवेन्यू का तीन गुना से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। HAL की ऑर्डर बुक उसके रेवेन्यू से आठ गुना ज़्यादा बताई जा रही है, जिस वजह से वह इस प्रोग्राम के लिए अयोग्य हो गई है। यह एक बड़ा स्ट्रैटेजिक शिफ्ट है, जिसमें मंत्रालय ऐसी कंपनियों को बढ़ावा दे रहा है जिनकी ऑर्डर बुक ज़्यादा नहीं है। यह HAL को एक ऐसे प्रोग्राम से बाहर कर देता है जिसमें वह पहले काफी अहम भूमिका निभाता रहा है।
वित्तीय जोखिम बढ़ा
निवेशकों की चिंताएं तब और बढ़ गईं जब पता चला कि 1 फरवरी 2026 तक HAL की मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक में लगभग ₹1,500 करोड़ की लेवरेज्ड पोजीशन थी। अगर शेयर में गिरावट जारी रहती है, तो यह स्थिति घाटे को और बढ़ा सकती है।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का नया दौर
AMCA प्रोग्राम के टेंडर प्रोसेस में प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी सरकारी नीति को दर्शाती है। 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' जैसे इनिशिएटिव्स, उदार फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) नीतियों और डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के समर्थन से एक ज़्यादा कॉम्पिटिटिव माहौल बन रहा है। इसके चलते डिफेंस प्रोडक्शन में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 23% तक पहुंच गई है।
AMCA के लिए कौन दौड़ में?
AMCA के प्रोटोटाइप डेवलपमेंट फेज, जिसकी अनुमानित वैल्यू लगभग ₹15,000 करोड़ है, के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ पार्टनरशिप में) और भारत फोर्ज (BEML और डेटा पैटर्न्स के साथ) के नेतृत्व वाले कंसोर्टिया को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
अन्य कंपनियों से तुलना
HAL का मौजूदा पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 35.3 है। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का पी/ई रेश्यो लगभग 53.8 है, भारत फोर्ज का लगभग 68.1 है, और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का पी/ई रेश्यो लगभग 24.0 है। HAL का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹2.99 लाख करोड़ है, जो BEL के ₹3.2 लाख करोड़ के मार्केट कैप के बराबर है, लेकिन भारत फोर्ज के लगभग ₹73,600 करोड़ के मार्केट कैप से काफी ज़्यादा है।
सेक्टर का प्रदर्शन
पूरे डिफेंस सेक्टर में निवेशकों का सेंटिमेंट मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स (Nifty India Defence Index) का पी/ई रेश्यो लगभग 52.27 है और पिछले एक साल में इसने लगभग 26.68% का शानदार रिटर्न दिया है। यह व्यक्तिगत कंपनियों की चुनौतियों के बावजूद पूरे सेक्टर के लिए मज़बूत निवेशक भावना को दर्शाता है।
आगे की राह
AMCA में मिली हार के बावजूद, HAL और भारतीय डिफेंस सेक्टर के लिए आउटलुक उम्मीद भरा है। एनालिस्ट्स HAL के लिए 'बाय' की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट प्राइस ₹5,672.25 है। यह मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस लगभग ₹4,470.40 से लगभग 29% ज़्यादा अपसाइड पोटेंशियल दिखाता है।
बजट का सहारा
यूनियन बजट 2026-27, जो 1 फरवरी 2026 को पेश किया गया था, में डिफेंस में कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है, जो सेक्टर की ग्रोथ को और बढ़ाएगा। सरकार का स्वदेशीकरण (Indigenization) और एक्सपोर्ट प्रमोशन पर फोकस लगातार डिमांड बनाए रखेगा। हालांकि, HAL जैसी कंपनियों को बदलते औद्योगिक परिदृश्य और बढ़ती प्राइवेट सेक्टर की प्रतिस्पर्धा के साथ अपने बिजनेस मॉडल को अडॉप्ट करना होगा।