Gulf Oil Lubricants India ने अपने मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में **70%** की भारी बढ़ोतरी की योजना बनाई है। मार्च **2027** तक कंपनी **240 मिलियन लीटर** की उत्पादन क्षमता हासिल कर लेगी।
बड़ी एक्सपेंशन की तैयारी
Gulf Oil Lubricants India (GOLIL) घरेलू बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपनी सिल्वासा और चेन्नई की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को अपग्रेड करने के लिए ₹55 करोड़ का निवेश कर रही है। इस निवेश का लक्ष्य मार्च 2027 तक कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 240 मिलियन लीटर तक पहुंचाना है। यह फैसला कंपनी के हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद आया है। Q2 FY27 के नतीजों में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,379 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 44% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 34% का उछाल देखा गया और यह ₹117 करोड़ तक पहुंच गया।
नए सेगमेंट में मौके तलाश रही कंपनी
पारंपरिक लुब्रिकेंट मार्केट के अलावा, GOLIL अब अपने रेवेन्यू सोर्सेज को डाइवर्सिफाई कर रही है। मैनेजमेंट अब EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (अपनी सब्सिडियरी Tirex के जरिए) और डेटा-सेंटर कूलिंग के लिए स्पेशलाइज्ड ग्रीस और फ्लुइड्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इन कदमों का मकसद ऑटोमोटिव मार्केट पर निर्भरता को कम करना है। हालांकि, भारतीय बाजार में सरकारी तेल कंपनियों और अन्य प्राइवेट प्लेयर्स से मिलने वाली कड़ी चुनौती के बीच कंपनी को अपनी सर्विस और क्वालिटी बनाए रखनी होगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
निवेशकों को यह स्पष्ट समझना होगा कि हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में एशिया और दक्षिण अमेरिका में संभावित अधिग्रहण की जो बात कही गई थी, वह मूल कंपनी Gulf Oil International से संबंधित है, न कि लिस्टेड कंपनी GOLIL से।
रिस्क फैक्टर्स पर रखें नजर
कंपनी का मार्जिन कच्चे तेल और बेस ऑयल की कीमतों में होने वाले बदलावों के प्रति काफी संवेदनशील है। इसके अलावा, नई कैपेसिटी के मुताबिक मार्केट में डिमांड बनी रहती है या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी। साथ ही, EV जैसे नए सेगमेंट्स में उतरने से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क पर भी निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
