ICICI Securities को Greenply Industries से इस जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में दमदार ग्रोथ की उम्मीद है। उनके अनुमान के मुताबिक, नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 41.6% का उछाल आएगा, और पिछली तिमाही से तुलना करें तो इसमें 89.3% की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) भी 12% बढ़कर ₹76.2 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सब 13.6% ज़्यादा नेट सेल्स यानी ₹737 करोड़ के आंकड़े के दम पर होगा। पर इन सबके बावजूद, Greenply Industries (NSE: GREENPLY) अप्रैल 2026 के अंत में ₹233-249 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो इसके 52-हफ्ते के हाई ₹351.95 से काफी नीचे है। पिछले एक साल में शेयर 19.14% गिर चुका है, जो बाजार और सेक्टर दोनों से पीछे है।
Greenply Industries, जिसकी मार्केट कैप अप्रैल 2026 तक करीब ₹3,000 करोड़ थी, एक कड़े मुकाबले वाले सेक्टर में काम करती है। इसके मुख्य कॉम्पिटिटर्स में Century Plyboards (India) Ltd. (जिसकी मार्केट कैप करीब ₹172.9 बिलियन है), Greenlam Industries और Stylam Industries शामिल हैं। जहाँ कुछ एनालिस्ट्स 'Strong Buy' रेटिंग के साथ 314-321 INR का टारगेट दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक बड़ी संख्या में एनालिस्ट्स की राय बिल्कुल अलग है। कंपनी की हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस मिली-जुली रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में कंपनी का रेवेन्यू ₹649 करोड़ और PAT ₹17 करोड़ रहा था, जिसमें कुछ एकमुश्त नुकसानों (one-off losses) का असर दिखा। पिछली रिपोर्टेड तिमाही में EPS भी उम्मीदों से कम 1.33 INR रहा, जबकि एनालिस्ट्स 2.25 INR का अनुमान लगा रहे थे। ये सब बातें शेयर में 19.14% की गिरावट के साथ मेल खाती हैं, जो कि मौजूदा पॉजिटिव आउटलुक के विपरीत है। कंपनी का गाइडेंस FY26 में डबल-डिजिट कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ और 10%+ (प्लाईवुड) व 16%+ (MDF) EBITDA मार्जिन का लक्ष्य रखता है।
हालांकि, कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स की राय बिल्कुल अलग है। MarketsMojo ने हाल ही में Greenply Industries को 'Sell' रेटिंग दी है। इसके पीछे के कारण हैं नेगेटिव फाइनेंशियल ट्रेंड्स, गिरती प्रॉफिटेबिलिटी और बढ़ता इंटरेस्ट एक्सपेंस। पिछले छह महीनों में कंपनी का PAT 21.87% गिर चुका है। Bitget के सर्वे में 56 एनालिस्ट्स में से एक बड़ा हिस्सा 'Strong Sell' की राय रखता है। इंडस्ट्री की एक और चिंता मीडियम डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF) सेगमेंट में ओवरकैपेसिटी की है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, Q3 FY26 में MDF मार्जिन साल-दर-साल 30 बेस पॉइंट्स कम हुए, और कंपनी के फर्नीचर JV को इसी तिमाही में करीब ₹15 करोड़ का PAT लॉस हुआ, जो बढ़े हुए एडवरटाइजिंग खर्चों की वजह से था। पिछले साल शेयर का अपने पीयर्स और ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले अंडरपरफॉरमेंस भी इन्वेस्टर्स को सावधान रहने का संकेत देता है।
आगे चलकर Greenply Industries ने FY26 में डबल-डिजिट कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, और साथ ही प्लाईवुड और MDF दोनों सेगमेंट्स में डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है। मैनेजमेंट EBITDA मार्जिन को लेकर भी आशावादी है। लेकिन, एनालिस्ट्स की राय में बड़ा अंतर (प्राइस टारगेट 250 INR से 459.76 INR तक) और इंडस्ट्री की चुनौतियां निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा कर रही हैं। इन्वेस्टर्स को आने वाली अर्निंग्स के रिवाइवल और मौजूदा इंडस्ट्री हर्डल्स के बीच संतुलन बनाना होगा।
