📉 कमाई बढ़ी, पर मुनाफे पर लगी भारी मार!
Greenply Industries लिमिटेड के FY26 की तीसरी तिमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी की कमाई तो बढ़ी, लेकिन मुनाफे पर भारी मार पड़ी है। जहां एक ओर कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 9.6% बढ़कर ₹673.4 करोड़ हो गया, वहीं दूसरी ओर नेट प्रॉफिट (PAT) में 41.2% की जोरदार गिरावट आई, जो ₹143.4 करोड़ पर आ गया।
मुनाफे में क्यों आई इतनी भारी गिरावट?
इस मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजहें बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट, इन्वेस्टीज (Investees) से घाटे में इजाफा और कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) रहीं। कंपनी की कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन भी पिछले साल के 4.0% से घटकर इस तिमाही में 2.1% रह गई। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 8.3% की बढ़ोतरी के बावजूद, स्टैंडअलोन PAT 26.2% घटकर ₹179.8 करोड़ रहा, और मार्जिन 5.3% से गिरकर 3.6% पर आ गया।
नौ महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड PAT 21.8% गिरकर ₹587.8 करोड़ रहा, वहीं स्टैंडअलोन PAT 31.7% लुढ़ककर ₹547.4 करोड़ पर आ गया। इसके अलावा, न्यू लेबर कोड्स (New Labour Codes) का ₹384.60 लाख का एक्सेप्शनल चार्ज भी कंसोलिडेटेड नतीजों पर भारी पड़ा।
🚀 भविष्य के लिए बड़ा दांव!
रणनीतिक मोर्चे पर, Greenply Industries ने मीडियम डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF) सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी की पूरी तरह से सब्सिडियरी ग्रीनप्लाई स्पेशलिटी पैनल्स प्राइवेट लिमिटेड (GSPPL) वडोदरा, गुजरात में अपने MDF प्लांट का विस्तार करेगी। इस विस्तार से 600-700 CBM प्रति दिन की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी और इसमें लगभग ₹425 करोड़ का निवेश किया जाएगा। साथ ही, इस प्रोजेक्ट के लिए GSPPL में ₹125 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश की भी मंजूरी दी गई है। उम्मीद है कि यह विस्तार FY2028 की दूसरी तिमाही तक पूरा हो जाएगा।
JV की समाप्ति और आगे की राह
कंपनी अपने ऑपरेशन्स को और सुव्यवस्थित करने के लिए Alkema! Singapore Pte. Ltd. के साथ अपने ज्वाइंट वेंचर (JV) को खत्म कर रही है। Greenply Holdings Pte. Ltd. पार्टनर की हिस्सेदारी मामूली कीमत पर अधिग्रहित कर लेगी। इस कदम से कंपनी की बिजनेस स्ट्रक्चर में सरलता आ सकती है और संसाधनों का बेहतर फोकस संभव होगा।
🚩 जोखिम और आउटलुक
हालांकि रेवेन्यू में वृद्धि सकारात्मक है, लेकिन मुनाफे में भारी गिरावट और मार्जिन में कमी चिंता का विषय है। ₹425 करोड़ के CAPEX प्रोजेक्ट को तय समय पर और बजट के अंदर पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी। ऑपरेशनल कॉस्ट का बढ़ना और इन्वेस्टीज से आने वाले घाटे का असर निकट भविष्य में भी दिख सकता है। MDF की मांग साइक्लिकल होती है, इसलिए नई क्षमता शुरू होने के समय बाजार की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। आने वाले 1-2 क्वार्टर में ऑपरेशनल कॉस्ट को कंट्रोल करने और इन्वेस्टी परफॉर्मेंस को देखना अहम होगा।
