Q3 FY26 नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, पर दबाव जारी
नंबर्स का खेल:
Q3 FY26 में Greenpanel Industries का कुल रेवेन्यू ₹398.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 11.4% का जोरदार जंप है। इस ग्रोथ का बड़ा क्रेडिट MDF वॉल्यूम को जाता है, जो 17.1% की रफ्तार से बढ़े। डोमेस्टिक वॉल्यूम में 19% का इजाफा हुआ, जबकि एक्सपोर्ट वॉल्यूम 8.3% बढ़े। वहीं, डिस्काउंटिंग बढ़ने की वजह से, खासकर दिवाली के बाद OEM सेगमेंट में, और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव के कारण डोमेस्टिक रियलाइजेशन पिछले तिमाही के मुकाबले 1.4% गिर गए।
कमाई की क्वालिटी:
कंपनी ने कॉस्ट कटिंग पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका नतीजा यह हुआ कि कंपनी के ग्रॉस मार्जिन लगभग 50% तक पहुंच गए। ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में भी साल-दर-साल और तिमाही-दर-तिमाही दोनों में सुधार देखा गया। इस तिमाही में ऑपरेटिंग EBITDA ₹44.3 करोड़ रहा, जो रेवेन्यू का 11.2% है (करेंसी इफेक्ट को छोड़कर)। MDF सेगमेंट ने 11.9% का EBITDA मार्जिन रिपोर्ट किया, जिसमें ₹8.5 करोड़ पावर सब्सिडी से मिले। हालांकि, प्लायवुड सेगमेंट का EBITDA मार्जिन सिर्फ 1.4% रहा। नेट प्रॉफिट (PAT) ₹10.2 करोड़ रहा।
खास फाइनेंशियल एडजस्टमेंट में ₹8.5 करोड़ की पावर सब्सिडी और ₹54 करोड़ की कैपिटल सब्सिडी शामिल है। आंध्र प्रदेश के नए प्लांट से बढ़ा हुआ इंटरेस्ट और डेप्रिसिएशन ₹10 करोड़ रहा। कंपनी का कैश कन्वर्जन साइकिल 32 दिनों पर बना रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में नेट डेट में ₹40 करोड़ की कमी आई, और यह घटकर ₹163 करोड़ पर आ गया, जो कि पहले के मुकाबले एक महत्वपूर्ण गिरावट है।
मैनेजमेंट का 'ग्रिल':
मैनेजमेंट का कहना है कि भले ही रुपया कमजोर हुआ है, लेकिन डोमेस्टिक मार्केट में कड़े कॉम्पिटिशन और डिस्काउंटिंग के चलते कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है। प्लायवुड बिजनेस अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, जिसके लिए एक स्ट्रैटेजिक रिवाइवल की जरूरत है। आंध्र प्रदेश का नया प्लांट फिलहाल लगभग 60% कैपेसिटी पर चल रहा है, जिससे कंपनी की कुल यूटिलाइजेशन 63-64% के आसपास है। मैनेजमेंट का फोकस अभी कैपेसिटी के इकोनॉमिक यूटिलाइजेशन पर है, न कि किसी एक प्लांट की परफॉरमेंस पर। एक्सपोर्ट को कैपेसिटी यूटिलाइजेशन बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक फिलर के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे का रास्ता और जोखिम:
कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए MDF वॉल्यूम में हाई टीन ग्रोथ (High Teen Growth) और ऑपरेटिंग EBITDA में हाई सिंगल डिजिट से अर्ली डबल डिजिट ग्रोथ (High Single-Digit to Early Double-Digit Growth) का गाइडेंस बरकरार रखा है (FX और वन-ऑफ्स को छोड़कर)। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मिड-टू-हाई टीन वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है। MDF EBITDA मार्जिन 20% तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, डोमेस्टिक रियलाइजेशन पर डिस्काउंटिंग का दबाव और प्लायवुड सेगमेंट का धीमा रिवाइवल मुख्य जोखिम बने हुए हैं। नए और कड़े QCO (Quality Control Order) स्टैंडर्ड्स लागू होने से कंपनी को मदद मिलने की उम्मीद है।
