नतीजों पर एक नजर
Greenlam Industries ने Q3 FY'26 के लिए ₹706 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 17.3% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी ने 55.6% का ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) हासिल किया, जिससे ग्रॉस प्रॉफिट (Gross Profit) 18.6% बढ़कर ₹393 करोड़ रहा।
लेकिन, EBITDA मार्जिन (EBITDA Margin) 170 बेसिस पॉइंट्स (bps) घटकर 9.2% रह गया, जिसके चलते EBITDA ₹65 करोड़ पर स्थिर रहा। नतीजों में गिरावट की मुख्य वजह फॉरेक्स (Forex) में उतार-चढ़ाव, वेज कोड (Wage Code) से जुड़े ₹6.2 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items), बढ़े हुए ऑपरेटिंग खर्चे और हालिया कैपिटलाइजेशन (Capitalizations) से जुड़े डेप्रिसिएशन (Depreciation) व इंटरेस्ट चार्जेस (Interest Charges) रहे।
तिमाही के अंत में कंपनी को ₹0.6 करोड़ का नेट लॉस हुआ। वहीं, फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY'26) में नेट रेवेन्यू 15.9% बढ़कर ₹2,188 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट (Net Profit) 77% गिरकर सिर्फ ₹15.5 करोड़ रह गया।
आगे क्या उम्मीद?
कंपनी के मैनेजमेंट ने FY'26 के लिए 18-20% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि प्लाइवुड (Plywood) और चिपबोर्ड (Chipboard) दोनों डिवीजन FY'27 तक EBITDA ब्रेकइवन (Breakeven) हासिल कर लेंगे। Q4 FY'26 में प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
कंपनी अपने ब्रांड पोर्टफोलियो को 'Greenlam' और 'Mikasa' इन दो मुख्य ब्रांड्स में कंसॉलिडेट (Consolidate) कर रही है, जिससे ब्रांड वैल्यू और एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ाने का लक्ष्य है। 'Mikasa' पोर्टफोलियो अकेले ₹1,000 करोड़ का पोटेंशियल रखता है।
सेगमेंट वाइज (Segment-wise) बात करें तो, लैमिनेट्स (Laminates) का रेवेन्यू 8.1% बढ़कर ₹562 करोड़ रहा, लेकिन सेल्स वॉल्यूम (Sales Volume) में मामूली 0.4% की गिरावट आई। प्लाइवुड सेगमेंट का रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹90 करोड़ हुआ, लेकिन इसमें ₹13.3 करोड़ का EBITDA लॉस जारी रहा। चिपबोर्ड सेगमेंट का रेवेन्यू 13.3% QoQ बढ़कर ₹54.2 करोड़ रहा, जिसमें EBITDA लॉस घटकर ₹3.2 करोड़ रह गया।
कंपनी हाई मॉइस्चर रेजिस्टेंट (HMR) चिपबोर्ड लॉन्च कर चुकी है और FY'27 में चिपबोर्ड के लिए 55-60% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) का लक्ष्य रखा है।
चुनौतियां और रिस्क
कंपनी को अमेरिकी टैरिफ (US Tariffs) जैसी अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए कंपनी प्राइस एडजस्टमेंट (Price Adjustment) कर रही है। 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर ₹1,010 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) था, हालांकि वर्किंग कैपिटल साइकिल (Working Capital Cycle) सुधर कर 58 दिन पर आ गया है।
निवेशक ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Cost) को कंट्रोल करने, फॉरेक्स की वोलेटिलिटी (Volatility) को मैनेज करने और प्लाइवुड व चिपबोर्ड डिवीजनों को FY'27 तक ब्रेकइवन पर लाने की कंपनी की रणनीति को करीब से देखेंगे।