रेवेन्यू बढ़ा, पर प्रॉफिट क्यों घटा?
ऑटो एंसिलरी सेक्टर में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में जोरदार ग्रोथ देखने को मिली। दोपहिया, यात्री वाहनों और ट्रैक्टरों की वॉल्यूम में साल-दर-साल करीब 23% की बढ़ोतरी हुई। इसी सकारात्मक ट्रेंड के साथ Greaves Cotton का रेवेन्यू 21.5% बढ़कर ₹1,000 करोड़ पर पहुंच गया।
कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी जबरदस्त सुधार हुआ है। EBITDA में 48.3% की भारी बढ़ोतरी के साथ यह ₹68 करोड़ पर पहुंच गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन पिछले साल के 5.6% से बढ़कर 6.8% हो गया।
हालांकि, इन सबके बावजूद, कंपनी का नेट प्रॉफिट 6.3% घटकर ₹22.5 करोड़ रहा। यह गिरावट शायद कुछ गैर-ऑपरेशनल खर्चों या टैक्स में बढ़ोतरी के कारण हो सकती है।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
बाजार की प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
बाजार को रेवेन्यू और मार्जिन की कहानी पसंद आई, जिसके चलते Greaves Cotton के शेयर BSE पर 2.82% चढ़कर बंद हुए।
तुलनात्मक रूप से देखें तो, Greaves Cotton का 18.24 का P/E रेश्यो (ट्रेलिंग बारह महीने) Cummins India के 62.68 के मुकाबले काफी कम है। सेक्टर का औसत P/E करीब 42.00 है। यह नतीजे वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजों से अलग हैं, जब नेट प्रॉफिट में 823% का उछाल देखा गया था।
पिछले एक साल में, Greaves Cotton के शेयर 46.53% गिरे हैं, जबकि S&P 500 में 14.11% की तेजी आई है। शेयर अभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बिकवाली का दबाव दिखाता है। एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है। इनका कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹155 है, जो मौजूदा बाजार भाव से कम है। पिछले क्वार्टर में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने भी अपनी हिस्सेदारी घटाई है।
भविष्य की बात करें तो, Greaves Cotton अपनी 'GREAVES.NEXT' स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है। इस प्लान के तहत कंपनी एनर्जी, मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस में डायवर्सिफाई कर रही है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर खास फोकस है, खासकर अपनी सब्सिडियरी Greaves Electric Mobility (GEML) के जरिए। कंपनी का लक्ष्य FY26 तक EV सेगमेंट में अपनी मार्केट हिस्सेदारी 4.4% तक बढ़ाना है।
कंपनी ₹500–700 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है, ताकि 16-20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की जा सके और 13-15% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य रखा जा सके। ICICI Direct जैसी ब्रोकरेज फर्म ने 'Strong Buy' रेटिंग के साथ ₹180 का 3-महीने का टारगेट दिया है। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 में इनपुट लागतों में बढ़ोतरी और जियो-पॉलिटिकल रिस्क के चलते ऑटो एंसिलरी सेक्टर में मार्जिन पर दबाव की आशंकाएं भी हैं, जो Greaves Cotton की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं।
