Gravita India Share: ₹565 Cr में बड़ी डील! Rashtriya Metal Industries को खरीदा, मेटल सेक्टर में कंपनी का दबदबा बढ़ेगा!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Gravita India Share: ₹565 Cr में बड़ी डील! Rashtriya Metal Industries को खरीदा, मेटल सेक्टर में कंपनी का दबदबा बढ़ेगा!
Overview

Gravita India Limited ने Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) को **₹565 करोड़** में खरीदने के लिए एक बाइंडिंग टर्म शीट साइन की है। इस डील के बाद RMIL, जो 1946 से कॉपर और कॉपर एलॉय बनाती आ रही है, Gravita की सब्सिडियरी (subsidiary) बन जाएगी। Gravita कॉपर रीसाइक्लिंग (recycling) के क्षेत्र में भी कदम रख रही है, जो सर्कुलर इकोनॉमी (circular economy) के अवसरों का लाभ उठाएगा। इस अधिग्रहण के मार्च **2026** तक पूरा होने की उम्मीद है, बशर्ते ड्यू डिलिजेंस (due diligence) सफल रहे।

🚀 डील के पीछे की स्ट्रैटेजी और कंपनी की पोजीशन

Gravita India Limited ने अपने बिजनेस को बड़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) के 100% तक इक्विटी शेयर कैपिटल को खरीदने के लिए एक बाइंडिंग टर्म शीट साइन की है। इस अधिग्रहण के लिए कुल ₹565 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। यह डील मार्च 31, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते कि कंपनी का ड्यू डिलिजेंस (due diligence) सफलतापूर्वक हो जाए।

RMIL की पहचान और मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ

RMIL, जो 1946 से नॉन-फेरस मेटल्स (non-ferrous metals) के क्षेत्र में सक्रिय है, कॉपर (copper) और कॉपर एलॉय (copper alloy) प्रोडक्ट्स बनाने में माहिर है। कंपनी दुनिया भर के बाजारों जैसे UAE, USA और केन्या में एक्सपोर्ट (export) करती है। वित्तीय स्थिति की बात करें तो, 31 मार्च, 2025 तक RMIL की नेट वर्थ (net worth) ₹300 करोड़ थी और कुल एसेट्स (total assets) का मूल्य ₹558 करोड़ था। कंपनी के टर्नओवर (turnover) में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है, जो फाइनेंशियल ईयर (FY) 22-23 में ₹598 करोड़ से बढ़कर FY 23-24 में ₹688 करोड़ और FY 24-25 में ₹910 करोड़ तक पहुंच गया।

स्ट्रैटेजिक सिnergies और नया रीसाइक्लिंग वेंचर

यह कैश कंसीडरेशन (cash consideration) वाली डील किसी भी तरह की रिलेटेड पार्टी डील (related party deal) नहीं है। इस अधिग्रहण के बाद RMIL, Gravita India की सब्सिडियरी (subsidiary) बन जाएगी, जिससे Gravita की कॉपर और कॉपर एलॉय सेगमेंट में पकड़ और क्षमता काफी मजबूत होगी। इसके साथ ही, Gravita India अपने मौजूदा बैटरी रीसाइक्लिंग ऑपरेशन्स (battery recycling operations) के अलावा कॉपर रीसाइक्लिंग (copper recycling) के बिजनेस में भी कदम रख रही है। यह कदम सर्कुलर इकोनॉमी (circular economy) की बढ़ती संभावनाओं और सस्टेनेबिलिटी (sustainability) पर आधारित मार्केट के अवसरों का फायदा उठाने के लिए उठाया गया है।

🚩 आगे की राह और संभावित जोखिम

इस डील से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम ड्यू डिलिजेंस (due diligence) प्रक्रिया का पूरा होना है। यदि इसमें कोई अप्रिय निष्कर्ष निकलता है, तो डील में देरी हो सकती है या शर्तों में बदलाव आ सकता है। इसके अलावा, RMIL को Gravita के ऑपरेशन्स में सफलतापूर्वक एकीकृत करना और नए कॉपर रीसाइक्लिंग वेंचर को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना, कंपनी के लिए इसके पूरे स्ट्रेटेजिक फायदों को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों की नजरें अब ड्यू डिलिजेंस की प्रगति और नए रीसाइक्लिंग बिजनेस के लिए ऑपरेशनल सिnergies और मार्केट पेनिट्रेशन (market penetration) पर आने वाले अपडेट्स पर टिकी रहेंगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.