Gravita India ने Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) को ₹559 करोड़ में खरीद लिया है, जिससे कॉपर (Copper) और कॉपर एलॉय (Copper Alloy) के उत्पादन और रीसाइक्लिंग (Recycling) की क्षमताएं बढ़ेंगी। RMIL एक स्थापित निर्माता है जिसकी 31,200 मीट्रिक टन सालाना उत्पादन क्षमता है। यह कदम Gravita को एक इंटीग्रेटेड रीसाइक्लिंग और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट निर्माता के तौर पर मजबूत करेगा और कंपनी के मुनाफे (Profit) को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
यह विस्तार Gravita India के लिए वैश्विक बाजार (Global Market) के रुझानों (Trends) के अनुरूप है। कॉपर और कॉपर एलॉय स्क्रैप (Scrap) और रीसाइक्लिंग का वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह 9.3% से 10.2% की CAGR दर से बढ़कर 2034 तक $119 बिलियन से अधिक का हो जाएगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स और शहरीकरण (Urbanization) की बढ़ती मांग इस ग्रोथ को बढ़ावा दे रही है। रीसाइकल किया गया कॉपर (Recycled Copper) माइनिंग (Mining) के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिससे Gravita अधिक मार्केट शेयर हासिल कर सकती है। एशिया-पैसिफिक, खासकर भारत, इस बढ़ते बाजार में एक अहम ग्रोथ रीजन है।
Gravita India अब नॉन-फेरस मेटल्स (Non-ferrous Metals) रीसाइक्लिंग सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। हालिया आंकड़ों (Late March 2026) के अनुसार, Gravita India का मार्केट वैल्यू लगभग ₹102 बिलियन है, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 27x-28x पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन Hindalco Industries (P/E ~12x) और Vedanta (P/E ~15x) जैसी कंपनियों से ज्यादा है, लेकिन Hindustan Copper (P/E ~71x) से कम है। हालांकि, Gravita का PEG रेशियो लगभग 0.70 है, जो इंडस्ट्री के औसत से कम है, और यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी कमाई की ग्रोथ पोटेंशियल की तुलना में थोड़ी अंडरवैल्यूड (Undervalued) हो सकती है।
इस रणनीतिक डील के बावजूद, Gravita India को इंटीग्रेशन (Integration) से जुड़ी चुनौतियों और बाजार के स्वाभाविक जोखिमों का सामना करना पड़ेगा। RMIL के ऑपरेशन्स को Gravita के सिस्टम में सफलतापूर्वक शामिल करना एक बड़ी चुनौती होगी। कंपनी के शेयर में हालिया कमजोरी देखी गई है, जिसमें मार्च 2026 के मध्य तक लगभग 9.85% की गिरावट दर्ज की गई, जो व्यापक बाजार सेंटिमेंट (Market Sentiment) को दर्शाता है। मेटल्स सेक्टर साइक्लिकल (Cyclical) होने के कारण कंपनी कॉपर और अन्य कमोडिटीज (Commodities) की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। साथ ही, Jain Metal Group जैसे स्पेशलाइज्ड रीसाइक्लर्स से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। कंपनी की असली परीक्षा क्षमता विस्तार को लगातार मुनाफे में बदलना होगी, खासकर लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे नए क्षेत्रों में।
एनालिस्ट (Analysts) Gravita India के भविष्य को लेकर काफी आशावादी हैं। कंसेंसस रेटिंग "Strong Buy" है, और उनका अनुमान है कि मौजूदा कीमतों से 60% से अधिक का अपसाइड मिल सकता है, जिसमें कुछ टारगेट ₹2,301 तक जा रहे हैं। यह आउटलुक Gravita की लगातार क्षमता वृद्धि और रणनीतिक विविधीकरण (Diversification) पर आधारित है। कंपनी की लीड क्षमता बढ़ाने और रीसाइक्लिंग ऑपरेशन्स का विस्तार करने की योजना है। RMIL का अधिग्रहण इन प्रयासों को और मजबूत करेगा, जिससे Gravita सस्टेनेबल मैटेरियल्स (Sustainable Materials) और एनर्जी ट्रांजिशन (Energy Transition) की वैश्विक मांग से प्रेरित रीसाइकल्ड मेटल्स मार्केट में एक प्रमुख खिलाड़ी बनी रहेगी।