Gravita India, भारत की एक जानी-मानी रीसाइक्लिंग कंपनी, अब कॉपर (Copper) और लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion Battery) रीसाइक्लिंग जैसे वैल्यू-एडेड (Value-added) क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य बढ़ते रीसाइकल्ड मटीरियल की मांग को पूरा करना और देश की सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) की महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करना है। ये रणनीतिक कदम रीसाइकल्ड मटीरियल की बढ़ती मांग का फायदा उठाने और भारत की सर्कुलर इकोनॉमी की महत्वाकांक्षाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
Q3 FY26 में दमदार नतीजों से बढ़त
हाल ही में कंपनी ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें 25.33% का शानदार सालाना उछाल (YoY) देखा गया, जिससे नेट प्रॉफिट (Net Profit) बढ़कर ₹97.67 करोड़ हो गया। इसी दौरान, रेवेन्यू (Revenue) 2.07% बढ़कर ₹1,017.07 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में भी 13.48% की मजबूत सालाना बढ़त दर्ज हुई, जो ₹116.06 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन बढ़कर 11.41% हो गया, जो पिछले साल 10.26% था। पिछले नौ महीनों (Nine-month) में भी कंपनी ने ग्रोथ जारी रखी है, रेवेन्यू, EBITDA और PAT में क्रमशः 9%, 15% और 32% की बढ़ोतरी हुई है।
विस्तार की नई योजनाएं
कंपनी की यह विस्तार योजनाएं प्रमुख रणनीतिक अधिग्रहणों (Strategic Acquisitions) और क्षमता विस्तार (Capacity Expansions) से प्रेरित हैं। ₹565 करोड़ में Rashtriya Metals Industries Limited (RMIL) का अधिग्रहण कॉपर रीसाइक्लिंग (Copper Recycling) में Gravita India का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे 31,200 TPA की क्षमता जुड़ी है। इसके साथ ही, लीड रीसाइक्लिंग (Lead Recycling) क्षमता मुंद्रा प्लांट में 80,300 TPA बढ़ाकर 145,100 TPA कर दी गई है। कंपनी ने ₹14 करोड़ के निवेश से मुंद्रा में 6,000 TPA की लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग प्लांट भी शुरू किया है। इन विस्तारों से वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) में तेजी आने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने Q4 FY26 में 8-9% वॉल्यूम ग्रोथ और लंबी अवधि में रेवेन्यू और PAT के लिए क्रमशः 18% और 26% की CAGR ग्रोथ का अनुमान जताया है।
वैल्यूएशन की चिंता
इन सकारात्मक विकासों के बावजूद, Gravita India का वैल्यूएशन (Valuation) एक प्रमुख चिंता का विषय है। कंपनी का P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) 30.85x से 39.11x (TTM basis) के बीच चल रहा है, जो इंडस्ट्री के औसत P/E 16.57x से काफी अधिक है। इसके मुकाबले, Hindustan Zinc Ltd. का P/E 21.8x और Vedanta Ltd. का 17.1x है। यह दर्शाता है कि बाजार ने कंपनी के भविष्य की ग्रोथ को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर लिया है। अनुमान है कि कंपनी FY27E और FY28E की कमाई पर क्रमशः 33x और 27x पर ट्रेड कर रही है। ऐसे में, अगर कंपनी अपने अनुमानित नतीजों को पूरा नहीं कर पाती या विस्तार योजनाओं में कोई बड़ी बाधा आती है, तो शेयर पर भारी दबाव आ सकता है।
जोखिम और चुनौतियाँ
भारतीय रीसाइक्लिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन Gravita India को कॉम्पिटिशन (Competition) और मार्केट वोलेटिलिटी (Market Volatility) का सामना करना पड़ सकता है। लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे नए क्षेत्रों में कई कंपनियां उतर रही हैं। फरवरी 2025 में, कंपनी के शेयर में एक महीने में 21% से अधिक की गिरावट आई थी, जो बाजार की अनिश्चितताओं के प्रति इसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्क्रैप (Scrap) की खरीद और वैश्विक कमोडिटी कीमतों (Commodity Prices) में उतार-चढ़ाव भी जोखिम बने हुए हैं।
विश्लेषकों का भरोसा
इन चुनौतियों के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट (Analysts) Gravita India पर बुलिश (Bullish) बने हुए हैं। नौ एनालिस्टों में से 'Strong Buy' की रेटिंग मिली हुई है। औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट (Price Target) लगभग ₹2,145.89 है, जो मौजूदा स्तरों से 30% से अधिक की संभावित बढ़त का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म Mirae Asset Sharekhan ने भी ₹2,000 का टारगेट प्राइस देते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है।