Grasim Industries के शेयरों में आज **2.77%** की गिरावट आई और यह **₹3,169.60** पर कारोबार कर रहा है। निवेशक कंपनी के मिले-जुले सालाना नतीजों की समीक्षा कर रहे हैं। रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़त के बावजूद, कंपनी का बढ़ता डेट-इक्विटी रेशियो और निगेटिव कैश फ्लो चिंता का विषय बना हुआ है।
Grasim Industries के शेयर में क्यों आई गिरावट?
आज सुबह के कारोबार में Grasim Industries के शेयर 2.77% लुढ़क गए और ₹3,169.60 के स्तर पर आ गए। यह गिरावट कंपनी द्वारा हाल ही में जारी किए गए तिमाही और सालाना वित्तीय नतीजों के बाद आई है। इन नतीजों में जहां एक ओर कंपनी के विस्तार और रेवेन्यू में बढ़ोतरी दिखी, वहीं दूसरी ओर कंपनी पर कर्ज का बोझ और निगेटिव कैश फ्लो ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
नतीजे क्या कहते हैं?
मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹51,101.11 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15.44% ज्यादा है। नेट प्रॉफिट में भी 31.41% की शानदार बढ़त देखी गई, जो ₹3,686.04 करोड़ रहा। इसी तरह, सालाना रेवेन्यू 2022 में ₹95,701.13 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹175,430.74 करोड़ हो गया।
कर्ज और कैश फ्लो पर निवेशकों की नजर
हालांकि, कंपनी की बैलेंस शीट के कुछ आंकड़े निवेशकों को चिंतित कर रहे हैं। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो 2022 में 0.96 से बढ़कर 2026 में 2.17 हो गया है। यह बढ़त दर्शाती है कि कंपनी ने अपने विस्तार के लिए काफी कर्ज लिया है, जिस पर अब भारी ब्याज और मूलधन चुकाने का दबाव रहेगा।
इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग एक्टिविटी से निगेटिव कैश फ्लो भी चिंता का विषय है। मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए यह ₹17,809 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹17,169 करोड़ से भी ज्यादा है। इसी तरह, वर्ष के लिए नेट कैश आउटफ्लो ₹2,084 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹2,495 करोड़ का नेट इनफ्लो था। यह बताता है कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं और कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर भारी खर्च कर रही है, जिससे नियर टर्म में कैश पर दबाव रह सकता है।
आगे क्या?
इन सब के बावजूद, Grasim Industries अपने कॉर्पोरेट कार्यों को जारी रखे हुए है। कंपनी ने 12 अगस्त, 2026 को बोर्ड मीटिंग बुलाई है, जिसमें नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों पर चर्चा होगी। कंपनी ने हाल ही में मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ₹10.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।
अब बाजार की नजरें मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेंगी कि कंपनी कर्ज कम करने, कैपिटल खर्च और ऑपरेटिंग कैश फ्लो को पॉजिटिव करने के लिए क्या कदम उठाती है।
