कैसे चमकी Graphite India की Q3 परफॉरमेंस?
Graphite India Limited (GIL) ने Q3 FY2026 (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही) के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी की तिमाही प्रॉफिटेबिलिटी में जबरदस्त वापसी देखने को मिली है। स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹100 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3 करोड़ की तुलना में 3233% की चौंकाने वाली बढ़ोतरी है। इस बड़ी उछाल के पीछे रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में 34.04% की ग्रोथ है, जो ₹643 करोड़ तक पहुँच गया। इसके अलावा, कंपनी की 'अन्य आय' (Other Income) भी ₹15 करोड़ से बढ़कर ₹107 करोड़ हो गई, जिसने बॉटम लाइन को और मजबूत किया। स्टैंडअलोन प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹10 करोड़ से बढ़कर ₹131 करोड़ हो गया, हालांकि, नए लेबर कोड्स के लिए ₹27 करोड़ का एक विशेष चार्ज और बढ़ा हुआ टैक्स इस नतीजे से पहले कुछ असर डाल गए।
कंसॉलिडेटेड (Consolidated) लेवल पर भी तस्वीर काफी सकारात्मक रही। कंपनी ने तिमाही में ₹67 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में ₹21 करोड़ का घाटा (Loss) हुआ था। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 22.75% की बढ़त के साथ यह ₹642 करोड़ पर पहुँच गया। यह तिमाही प्रदर्शन बेहतर परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और सेगमेंट-विशिष्ट मजबूती को दर्शाता है, जिसमें ग्रेफाइट और कार्बन सेगमेंट ने पिछले साल के लॉस के मुकाबले ₹65 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया।
🚩 9 महीने के नतीजे और इन्वेंटरी की चिंता
हालांकि, तिमाही के नतीजे शानदार रहे, लेकिन 9 महीने (9 Months) के नतीजों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त 9 महीनों में, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 13.59% घटकर ₹337 करोड़ रह गया, जबकि रेवेन्यू 12.45% बढ़कर ₹1,996 करोड़ हुआ था। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में तो 32.52% की भारी गिरावट आई और यह ₹276 करोड़ पर आ गया, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 7.50% बढ़कर ₹2,036 करोड़ रहा। यह दिखाता है कि हालिया तिमाही में प्रदर्शन सुधरा है, लेकिन लंबी अवधि में कुछ दबाव अभी भी बना हुआ है।
कंपनी को इलेक्ट्रोड की गिरती कीमतों के कारण इन्वेंटरी पर ₹75 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹77 करोड़ (कंसॉलिडेटेड) का राइट-डाउन (Write-down) भी करना पड़ा है। यह मार्केट के दबाव को दिखाता है जो भविष्य के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, Graphite India के लिए इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर (AY 2018-19 और 2019-20) से जुड़े मामले लंबित हैं। हालांकि पिछले वर्षों में ₹417 करोड़ की रिफंड राशि मिल चुकी है, पर लंबित मामलों के नतीजे आने तक किसी भी संभावित सकारात्मक परिणाम का कोई क्रेडिट नहीं लिया गया है।
🧭 आगे क्या? निवेशक क्या देखें?
सबसे खास बात यह है कि कंपनी मैनेजमेंट ने इन नतीजों के साथ भविष्य के लिए कोई आउटलुक (Outlook) या गाइडेंस (Guidance) जारी नहीं किया है। तिमाही और 9 महीने के प्रदर्शन में बड़ा अंतर, इन्वेंटरी राइट-डाउन और टैक्स संबंधी मुद्दे, निवेशकों के लिए भविष्य की राह को लेकर थोड़ी अनिश्चितता पैदा करते हैं। निवेशक आने वाली तिमाहियों में लगातार प्रॉफिटेबिलिटी, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर और टैक्स से जुड़े मामलों के समाधान पर बारीकी से नजर रखेंगे।