ग्लोबल मार्केट में सप्लाई कम होने और HEG के डीमर्जर की तारीख तय होने से Graphite India और HEG के शेयरों में तेजी देखी गई है।
ग्लोबल मार्केट में बड़ा बदलाव
भारतीय ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड निर्माता कंपनियां, Graphite India और HEG के लिए आज का दिन काफी सकारात्मक रहा। इसकी मुख्य वजह अमेरिका की GrafTech International का एक बड़ा फैसला है। कंपनी ने मैक्सिको स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को हमेशा के लिए बंद करने की घोषणा की है। इस कदम से ग्लोबल मार्केट से 51,000 टन की सालाना कैपेसिटी कम हो जाएगी, जो कि पूरी दुनिया की कुल सप्लाई का लगभग 7% हिस्सा है। यह कमी साल 2027 की दूसरी तिमाही तक प्रभावी होगी।
कीमतों पर असर
सालों से ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड सेक्टर ओवरसप्लाई की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन इस कटौती से मार्केट का गणित बदल सकता है। जानकारों का मानना है कि सप्लाई घटने से घरेलू कंपनियों की प्राइजिंग पावर (Pricing Power) बढ़ेगी, जिससे वे अपने दाम बढ़ाकर बढ़ती लागत की भरपाई कर सकेंगी।
HEG का डीमर्जर प्लान
सप्लाई की खबरों के बीच HEG ने अपनी कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया को और आगे बढ़ाया है। कंपनी ने 7 सितंबर, 2026 को अपने डीमर्जर के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) फिक्स कर दिया है। इस डीमर्जर के बाद कंपनी दो हिस्सों में बंट जाएगी: एक मुख्य ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस और दूसरी 'HEG Advanced Materials', जो बैटरी सॉल्यूशन और ग्रीन एनर्जी पर फोकस करेगी। एलिजिबल शेयरधारकों को नई कंपनी में 1:1 के अनुपात में शेयर मिलेंगे।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
बाजार में उत्साह के बावजूद, निवेशकों को इस सेक्टर के रिस्क को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन कंपनियों का प्रदर्शन सीधे तौर पर ग्लोबल स्टील इंडस्ट्री और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) की मांग पर निर्भर करता है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की जांच और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें इनके मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।
