केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के मिल्वौकी में Rockwell Automation के मुख्यालय का दौरा किया है। इस दौरान भारत में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी और हाई-टेक सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
भारत को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के मिल्वौकी में औद्योगिक दिग्गज Rockwell Automation के नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। यह मुलाकात 30 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 के बीच G20 ट्रेड मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान हुई। बातचीत का मुख्य केंद्र भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑपरेशन्स को और अधिक गहरा करना था।
क्यों है यह मुलाकात अहम?
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बड़ी अमेरिकी कंपनियों को अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाए। भारत के पास मौजूद इंजीनियरिंग टैलेंट और बेहतर होती इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर सरकार हाई-वैल्यू इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करना चाहती है। Rockwell Automation, जो इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और डिजिटल टूल्स में माहिर है, आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांटों के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।
अभी सिर्फ शुरुआती दौर
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक कूटनीतिक और रणनीतिक संवाद है, न कि कोई अंतिम निवेश समझौता। अभी तक किसी भी निवेश या फाइनेंशियल कमिटमेंट पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। ये बातचीत भारत को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने की दिशा में एक शुरुआती प्रयास है।
आगे क्या उम्मीद करें?
भारतीय औद्योगिक क्षेत्र के लिए यदि ऐसी ग्लोबल कंपनियां विस्तार करती हैं, तो इससे ऑटोमेटेड सिस्टम और बेहतर डिजिटल मानकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। हालांकि, कोई भी बड़ी विदेशी कंपनी किसी भी बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर से पहले स्थानीय रेगुलेटरी माहौल और लॉजिस्टिक्स का गहन मूल्यांकन करती है। अभी तक कंपनी की ओर से एक्सचेंज में कोई आधिकारिक फाइलिंग नहीं की गई है, लेकिन भविष्य में आने वाली घोषणाओं पर बाजार की नजरें बनी रहेंगी।
