ग्रोथ के नए इंजन: डिफेंस और सोलर
Goodluck India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की Q3 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की स्टैंडअलोन बिक्री पिछले साल के मुकाबले 10% बढ़कर ₹1,031.58 करोड़ हो गई है। यह बढ़ोतरी कंपनी के डिफेंस और सोलर स्ट्रक्चर जैसे हाई-मार्जिन सेगमेंट्स पर फोकस करने का नतीजा है।
दमदार नतीजे और स्ट्रैटेजिक कदम
कंपनी के मुख्य बिजनेस में शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी दिख रही है, जहाँ कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 92% पर है। Q3 FY26 के लिए कुल इनकम 9.8% बढ़कर ₹1038.89 करोड़ (₹10,388.9 मिलियन) रही, जबकि EBITDA में 22.3% का उछाल आकर यह ₹102.83 करोड़ (₹1,028.3 मिलियन) हो गया। नौ महीने की अवधि में, कुल इनकम 6.3% बढ़कर ₹3023.33 करोड़ (₹30,233.3 मिलियन) और EBITDA 24.1% बढ़कर ₹296.65 करोड़ (₹2,966.5 मिलियन) रहा।
डिफेंस सेक्टर में बड़ी छलांग
कंपनी की सब्सिडियरी, Goodluck Defense and Aerospace Limited, ने प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी अपनी आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) बनाने की क्षमता को तेजी से 1.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने वाली है। इसके लिए करीब ₹400 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो इक्विटी और डेट का मिश्रण होगा। इस प्रोजेक्ट से पूरी क्षमता पर ₹800 करोड़ रेवेन्यू आर्टिलरी से और ₹200 करोड़ एयरोस्पेस कंपोनेंट्स से आने की उम्मीद है। इन प्रोजेक्ट्स पर 30% या उससे ज्यादा के EBITDA मार्जिन की संभावना है। डिफेंस क्षमता का पहला फेज अगले क्वार्टर तक 90% यूटिलाइजेशन पर पहुंचने की उम्मीद है।
सोलर स्ट्रक्चर में भी तेजी
सोलर स्ट्रक्चर सेगमेंट में भी कंपनी ने इस साल 52.7 GW की क्षमता जोड़ी है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि यह सेगमेंट अगले साल ₹600-₹700 करोड़ का रेवेन्यू देगा, जो इस साल के करीब ₹400 करोड़ से काफी ज्यादा है।
भविष्य की उम्मीदें और सवाल
मैनेजमेंट ने FY26 के लिए 15% से 20% तक के रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक बरकरार रखा है। डिफेंस सेगमेंट, भले ही नया हो, एक महत्वपूर्ण रेवेन्यू ड्राइवर बनने की ओर अग्रसर है। हालांकि, कॉन्कॉल के दौरान एनालिस्ट्स ने कैपेक्स के सटीक ब्रेकअप, डिफेंस रेवेन्यू की टाइमिंग (शेल रेवेन्यू अप्रैल '27 से अपेक्षित) और Q4 में डिफेंस डिस्पैच के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स की समय-सीमा पर सवाल उठाए।
इनपुट कॉस्ट और अनिश्चितताएं
स्टील जैसे इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स के लिए लागत सीधे पास-ऑन हो जाती है, लेकिन ऑटोमोबाइल ट्यूब की लागत में दो क्वार्टर का लैग है। भू-राजनीतिक तनाव और ट्रेड फ्लो की अनिश्चितताएं भी बिजनेस को प्रभावित कर सकती हैं।
पिछला प्रदर्शन
Goodluck India ने ऐतिहासिक रूप से लगातार रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई है। FY24 में, कंपनी ने ₹132.3 करोड़ (₹1,323 मिलियन) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो FY23 से 50.6% ज्यादा था। FY24 का रेवेन्यू ₹3537.7 करोड़ (₹35,377 मिलियन) रहा, जो 14.7% बढ़ा था।