India Steel सेक्टर पर Goldman Sachs की नई निगाह
दुनिया के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs ने भारतीय स्टील इंडस्ट्री पर अपनी रिसर्च कवरेज शुरू कर दी है। फर्म का मानना है कि आने वाले सालों में, खासकर फाइनेंशियल ईयर 2032 तक, घरेलू मांग (domestic demand) के चलते इस सेक्टर में ज़बरदस्त ग्रोथ देखने को मिलेगी। इस सेक्टर की 5 बड़ी कंपनियों पर रिपोर्ट जारी की गई है।
JSW Steel और Shyam Metalics: Goldman Sachs के फेवरिट
Goldman Sachs ने JSW Steel को 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,490 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी की क्षमता विस्तार (capacity expansion) योजनाओं और बेहतर प्रोडक्ट्स की वजह से यह पिक चुना गया है। फर्म को उम्मीद है कि JSW Steel FY31E तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को बढ़ाकर 50 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) कर लेगी। साथ ही, ₹14,000 प्रति टन तक EBITDA की उम्मीद है।
Shyam Metalics को भी 'Buy' रेटिंग मिली है, जिसका टारगेट प्राइस ₹1,065 रखा गया है। इस कंपनी के विविध प्रोडक्ट रेंज (carbon steel, stainless steel, aluminium) और मजबूत बैलेंस शीट की तारीफ की गई है।
Tata Steel, Jindal Steel, NMDC: क्या हैं चुनौतियाँ?
वहीं, Tata Steel और Jindal Steel को 'Neutral' रेटिंग मिली है। Tata Steel के लिए ₹210 का टारगेट प्राइस और Jindal Steel के लिए ₹1,335 का टारगेट दिया गया है। Tata Steel के लिए FY30 के बाद बढ़ते आयरन ओर की लागत एक चिंता का विषय है, भले ही कंपनी के पास अभी 100% इन-हाउस आयरन ओर सप्लाई है।
Jindal Steel की ग्रोथ की संभावनाओं को मौजूदा वैल्यूएशन में शामिल माना जा रहा है।
NMDC को 'Sell' रेटिंग मिली है और टारगेट ₹84 रखा गया है। फर्म के मुताबिक, NMDC का डायवर्सिफिकेशन धीमा है, जिससे कंपनी आयरन ओर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति ज़्यादा संवेदनशील है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि मंदी की स्थिति में NMDC के मार्जिन में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिसका टारगेट ₹42–46 तक भी जा सकता है।
इंडस्ट्री में ग्रोथ और जोखिम
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय स्टील सेक्टर 2026 में 7.4% और 2027 में 9.2% की ग्रोथ दिखा सकता है, जिसका मुख्य कारण सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च है। FY25-26 में क्रूड स्टील प्रोडक्शन 168.4 मिलियन टन रहा, जबकि खपत 164 मिलियन टन है।
हालांकि, रॉ मैटेरियल (जैसे कोकिंग कोल, जिसका 40% उत्पादन खर्च होता है) की कीमतों में अस्थिरता एक बड़ी चुनौती है। भारत अपने कोकिंग कोल का लगभग 90% ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और मोजाम्बिक जैसे देशों से इम्पोर्ट करता है।
JSW Steel का मार्केट कैप ₹3.07 ट्रिलियन है और पिछले साल इसके शेयर में 23.10% की तेजी आई थी। Tata Steel का मार्केट कैप ₹2.62 ट्रिलियन है और पिछले साल शेयर 28.67% बढ़ा था। Shyam Metalics का मार्केट कैप ₹22,908 करोड़ है, लेकिन पिछले साल शेयर में करीब -8.47% की गिरावट देखी गई। Jindal Steel का मार्केट कैप ₹1.28 ट्रिलियन है और पिछले साल इसके शेयर ने 40% से ज़्यादा का रिटर्न दिया था।
NMDC का मार्केट वैल्यू ₹784.41 बिलियन है। इसके शेयर में पिछले साल करीब 17.1% की बढ़ोतरी हुई थी।
भविष्य की राह
Goldman Sachs का अनुमान है कि FY32E तक भारत की स्टील की मांग FY23 के मुकाबले दोगुनी हो जाएगी। SAIL, Tata Steel और JSW Steel जैसी कंपनियां अपनी क्षमता को 300 MTPA तक बढ़ाने में लगी हैं।
