नतीजों पर भारी पड़ी कर्ज की चिंता?
Godrej Industries के शेयर में आज, यानी गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को 2.03% की गिरावट आई और यह ₹973.60 पर कारोबार करता दिखा। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2025 (जो मार्च 2025 में समाप्त हुआ) के लिए बहुत मजबूत नतीजे पेश किए हैं।
दमदार फाइनेंशियल ईयर 2025 के आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक, Godrej Industries ने FY25 में ₹19,657.41 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹16,600.62 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो कंपनी ने कमाल ही कर दिया, यह ₹1,483.62 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹648.44 करोड़ से दोगुना से भी अधिक है। सितंबर 2025 तिमाही के नतीजे भी साल-दर-साल बेहतर ही दिखे थे।
फिर क्यों गिरी गिरावट?
इन बेहतरीन नंबर्स के बावजूद, बाजार का सेंटिमेंट (sentiment) कंपनी के शेयर के प्रति 'बेहद नेगेटिव' (very bearish) बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह कंपनी का बढ़ता कर्ज है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (debt-to-equity ratio) मार्च 2021 में 1.29 से बढ़कर मार्च 2025 तक 3.73 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने ऑपरेशंस के लिए कर्ज पर ज्यादा निर्भर हो रही है।
इसके अलावा, कंटिंजेंट लायबिलिटीज (contingent liabilities) भी मार्च 2021 के ₹1,696 करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 में ₹7,358 करोड़ हो गई हैं। यह भविष्य में कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ा सकती हैं। एक और चिंता की बात यह है कि बुक वैल्यू पर शेयर (BVPS) मार्च 2024 के ₹449.04 से गिरकर मार्च 2025 में ₹301.41 रह गया है।
हालांकि, कंपनी का मार्केट कैप (market capitalization) करीब ₹33,000 करोड़ है और P/E रेश्यो 38.92 है, जो डायवर्सिफाइड सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले औसत रेंज में है। भारतीय कॉंग्लोमेरेट सेक्टर में अभी तेजी बनी हुई है और 2026 तक इसके जारी रहने की उम्मीद है। शुरुआती 2026 के लिए भारतीय इकोनॉमिक आउटलुक भी पॉजिटिव है।
लेकिन Godrej Industries के मामले में, बढ़ते कर्ज का जोखिम और गिरता BVPS, कंपनी की लाभप्रदता के बावजूद निवेशकों को सतर्क कर रहा है। बाजार इसी चिंता को फिलहाल ज्यादा तवज्जो दे रहा है।