Godawari Power (GPIL) Q3 Results: मुनाफा घटा, पर Future Plans हैं दमदार!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Godawari Power (GPIL) Q3 Results: मुनाफा घटा, पर Future Plans हैं दमदार!
Overview

Godawari Power & Ispat Limited (GPIL) के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **1%** घटकर **₹143 करोड़** पर आ गया, जबकि रेवेन्यू में **12%** की गिरावट आई। हालांकि, EBITDA में **4%** की बढ़ोतरी देखी गई। तीसरी तिमाही में एक प्लांट दुर्घटना का असर भी नतीजों पर पड़ा। कंपनी अब नए सिरे से बड़े Capex प्रोजेक्ट्स और विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

तीसरी तिमाही के आंकड़े: कहीं खुशी, कहीं गम

Godawari Power & Ispat Limited (GPIL) ने Q3 FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जो कुछ मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.2% गिरकर ₹1,139 करोड़ रहा। इसके चलते, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.0% घटकर ₹143 करोड़ दर्ज किया गया। इसी तरह, प्रति शेयर आय (EPS) भी मामूली रूप से घटकर ₹2.33 रही, जो पिछले साल ₹2.36 थी।

नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 4.0% घटकर ₹3,770 करोड़ रहा, और PAT में 12.0% की गिरावट आकर ₹521 करोड़ पर आ गया। हालांकि, एक अच्छी खबर यह है कि Q3 में कंसोलिडेटेड EBITDA 4.0% बढ़कर ₹230 करोड़ हो गया। इससे EBITDA मार्जिन 2.7 प्रतिशत अंक बढ़कर 20.2% तक पहुंच गया। कंपनी ने लागत प्रबंधन और परिचालन दक्षता में सुधार को इस बढ़ोतरी का श्रेय दिया है। इन नतीजों पर अक्टूबर 2025 में हुई एक प्लांट दुर्घटना का भी असर पड़ा, जिसने पैलेट (pellet) की बिक्री को प्रभावित किया और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) बिक्री, EBITDA और PAT में गिरावट का कारण बना।

भविष्य के लिए बड़े प्लान: Capex और विस्तार पर दांव

GPIL भविष्य के विकास को गति देने और अपने बिज़नेस को और मजबूत करने के लिए कई रणनीतिक पहलों पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने Ari Dongri खदान की क्षमता को दोगुना करके 6 MTPA करने के लिए पर्यावरण मंजूरी हासिल कर ली है। साथ ही, 2 MnT क्षमता वाला एक नया पैलेट प्लांट चालू किया जा रहा है, जिससे कुल पैलेट क्षमता 4.7 MnT हो जाएगी।

इसके अलावा, कंपनी 0.7 MnT क्षमता वाले CRM कॉम्प्लेक्स (Cold Rolling Mill Complex) पर भी काम कर रही है। सबसे बड़ा निवेश ₹1,025 करोड़ की लागत से 20 GWh क्षमता वाली बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजना में किया जा रहा है, जबकि CRM कॉम्प्लेक्स के लिए ₹900 करोड़ का Capex निर्धारित है।

एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर, GPIL ने नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग (non-ferrous metal recycling) के क्षेत्र में कदम रखा है। इसके लिए कंपनी ने Jammu Pigments Ltd. में 43.96% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। साथ ही, GPIL ने Ardent Steel Ltd. में अपनी हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 37.85% हिस्सेदारी ₹90.87 करोड़ में बेची जा रही है। कंपनी के पास मजबूत नेट कैश पोजीशन (net cash position) है, जो इन महत्वाकांक्षी पहलों को समर्थन दे रही है।

जोखिम और संभावनाएं

कंपनी के लिए अल्पावधि में मुख्य जोखिम परिचालन बाधाओं का है, जैसे कि अक्टूबर 2025 की प्लांट दुर्घटना का उत्पादन और मुनाफे पर असर। बड़े Capex प्रोजेक्ट्स, खासकर CRM कॉम्प्लेक्स और BESS परियोजना के क्रियान्वयन में भी कुछ जोखिम हो सकते हैं। हालांकि, भारत में बुनियादी ढांचे के विकास से प्रेरित स्टील की मांग मजबूत बनी हुई है, जो GPIL के मुख्य व्यवसाय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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