Godawari Power and Ispat Limited (GPIL) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के नतीजों में मिले-जुले संकेत दिख रहे हैं, जहाँ एक ओर स्टैंडअलोन प्रॉफिट में इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू और कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है। इन सबके बीच, कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ के लिए कई बड़े स्ट्रेटेजिक फैसले लिए हैं।
क्या कहते हैं नंबर्स?
Q3 FY26 के लिए, Godawari Power का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.65% घटकर ₹1,001.47 करोड़ रहा। हालांकि, टोटल खर्चों में 10.67% की कमी और 'अन्य आय' में हुई वृद्धि के चलते, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के मुकाबले 9.42% बढ़कर ₹148.54 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन बेसिक EPS 9.05% बढ़कर ₹2.29 रहा।
वहीं, कंसॉलिडेटेड आधार पर, Q3 FY26 में रेवेन्यू 12.19% घटकर ₹1,139.45 करोड़ हो गया, और कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) 4.27% की गिरावट के साथ ₹145.04 करोड़ पर आ गया। कंसॉलिडेटेड बेसिक EPS घटकर ₹2.25 हो गया।
नौ महीने की अवधि (9M FY26) की बात करें तो, स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड दोनों ही मोर्चों पर रेवेन्यू और PAT में गिरावट देखी गई। स्टैंडअलोन 9M PAT पिछले साल के मुकाबले 19.43% गिरकर ₹455.36 करोड़ रहा, और EPS 20.82% घटकर ₹6.92 हो गया। कंसॉलिडेटेड 9M PAT 15.86% घटकर ₹497.03 करोड़ रहा, जबकि EPS 15.66% गिरकर ₹7.70 हो गया। स्टैंडअलोन 9M FY26 में 'अन्य आय' पिछले साल की तुलना में 122.19% बढ़कर ₹165.55 करोड़ रही, जो एक अहम हाईलाइट है।
नए कदम और भविष्य की तैयारी
कंपनी के कोर ऑपरेशन में रेवेन्यू के मोर्चे पर गिरावट दिख रही है। हालांकि, Q3 में स्टैंडअलोन PAT की ग्रोथ खर्चों को कंट्रोल करने और 'अन्य आय' में बड़ी बढ़ोतरी से आई है।
बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं जो कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेंगे:
- रेलवे वैगन खरीद: कंपनी ₹120 करोड़ की कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत 40 रेलवे वैगन खरीदेगी। इसका मकसद अपने इस्तेमाल को बढ़ाना और संभवतः थर्ड-पार्टी लीजिंग से अतिरिक्त कमाई करना है।
- लॉजिस्टिक्स में विस्तार: शेयरहोल्डर अप्रूवल के बाद, कंपनी 'लॉजिस्टिक्स और संबद्ध गतिविधियों' (logistics and allied activities) के बिजनेस में कदम रखेगी। यह कंपनी के रेवेन्यू स्ट्रीम को बड़ा करने की दिशा में एक अहम कदम है।
- एसोसिएट का विनिवेश: Godawari Power अपनी 37.85% हिस्सेदारी वाली एसोसिएट कंपनी Ardent Steels Private Limited को ₹90.87 करोड़ में बेच देगी।
- BESS प्लांट में निवेश: कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Godawari New Energy Private Limited (GNEPL) में ₹200 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी। यह पैसा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्लांट के लिए होगा, जिससे GNEPL में कुल निवेश बढ़कर ₹500 करोड़ हो जाएगा। यह कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस को दर्शाता है।
इसके अलावा, 8 दिसंबर 2025 को कंपनी की 2 मिलियन टन (2 MnT) की आयरन ओर पेलेट प्लांट की कमीशिंग भी हो चुकी है, जिससे इसकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ी है।
जोखिम और आगे का रास्ता
लॉजिस्टिक्स और BESS जैसे नए क्षेत्रों में कंपनी का विविधीकरण (diversification) ग्रोथ के नए अवसर खोल सकता है और एनर्जी स्टोरेज की ओर एक स्ट्रेटेजिक बदलाव ला सकता है। हालांकि, निवेशकों की नजर इन वेंचर्स के एग्जीक्यूशन (execution) और लाभप्रदता (profitability) पर रहेगी। नौ महीने की अवधि में रेवेन्यू और PAT में लगातार गिरावट, खासकर कंसॉलिडेटेड आधार पर, कोर स्टील और माइनिंग ऑपरेशंस में संभावित हेडविंड्स (headwinds) की ओर इशारा करती है। नए वेंचर्स का प्रभावी एकीकरण और कोर बिजनेस के साथ उनका प्रदर्शन GPIL के भविष्य के ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा। मार्केट यह भी देखेगा कि कंपनी लागत प्रबंधन (cost management) और अपने प्राथमिक सेक्टर्स में डिमांड-साइड ड्राइवर्स (demand-side drivers) पर आगे कैसे काम करती है।