रेवेन्यू में छलांग, पर मार्जिन पर दबाव!
Genus Power Infrastructures के हालिया नतीजों में रेवेन्यू की चमक तो दिखी, पर मुनाफे की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी। Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट 41% बढ़कर ₹180.7 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू में 62.7% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जो ₹1,523.7 करोड़ पर पहुंची। लेकिन, सबसे बड़ी चिंता ऑपरेटिंग मार्जिन की है, जो पिछले साल के 22.3% से घटकर इस तिमाही में 18.7% रह गया। इस मार्जिन दबाव की मुख्य वजहें बढ़ती कर्मचारी लागत और परिचालन खर्चे बताए जा रहे हैं, जो रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार से ज्यादा बढ़े।
पूरे साल के नतीजे और ऑर्डर बुक
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 90.22% बढ़कर ₹592.30 करोड़ रहा, जबकि सेल्स में 94.55% की जबरदस्त उछाल के साथ ₹4,750.92 करोड़ का आंकड़ा पार किया। यह शानदार प्रदर्शन कंपनी के स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में आई तेजी का नतीजा है। Genus Power के पास ₹25,173 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी दे रहा है।
मार्केट पोजिशन और भविष्य की राह
कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते स्मार्ट मीटरिंग मार्केट में एक मजबूत पोजिशन रखती है। सरकारी योजनाएं जैसे 'Revamped Distribution Sector Scheme' (RDSS) इस ग्रोथ को और बढ़ावा दे रही हैं। इन सकारात्मक बातों के बावजूद, गिरते ऑपरेटिंग मार्जिन चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके अलावा, कंपनी पर नेट डेट ₹1,578 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह नेट कैश पोजीशन में था। कंपनी स्मार्ट गैस और वॉटर मीटरिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है। एनालिस्ट्स का औसत टारगेट प्राइस ₹446.25 है, जो मौजूदा भाव से कुछ अपसाइड का संकेत देता है।