Genus Power Share Price: मुनाफे में **117%** की उछाल, पर ED की जांच से निवेशकों की बढ़ी चिंता!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Genus Power Share Price: मुनाफे में **117%** की उछाल, पर ED की जांच से निवेशकों की बढ़ी चिंता!
Overview

Genus Power Infrastructures Limited के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें उसका नेट प्रॉफिट साल-दर-साल **117%** की जोरदार छलांग लगाकर **₹148 करोड़** पर पहुंच गया है। रेवेन्यू में भी **86%** का तगड़ा इजाफा हुआ है।

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Genus Power का दमदार प्रदर्शन, पर ED की जांच बनी चिंता का सबब

Genus Power Infrastructures Limited ने साल की शुरुआत धमाकेदार नतीजों के साथ की है। कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 117% का ज़बरदस्त उछाल आया, जो ₹148 करोड़ रहा। इस बेहतरीन बॉटम-लाइन ग्रोथ की वजह रेवेन्यू में 86% की वृद्धि है, जो बढ़कर ₹1,122 करोड़ हो गया। कंपनी का EBITDA भी 98% बढ़कर ₹232 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 20.7% पर बना रहा।

FY26 के पहले नौ महीनों (9M) में भी कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा, रेवेन्यू में 114% की बढ़ोतरी हुई और PAT 157% बढ़कर ₹424 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, Q3 FY25 में रेवेन्यू लगभग ₹604 करोड़ और नेट प्रॉफिट करीब ₹56.7 करोड़ था, जो इस बार के नतीजों के मुकाबले काफी कम है।

₹27,000 करोड़ का ऑर्डर बुक और भविष्य की योजनाएं

कंपनी का मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस ₹27,000 करोड़ (टैक्स के बाद) के विशाल ऑर्डर बुक का नतीजा है। 31 दिसंबर, 2025 तक की इस ऑर्डर बुक से कंपनी को अगले 8 से 10 साल तक रेवेन्यू की विजिबिलिटी मिलती है, जिसका मुख्य कारण सरकार की 'Revamped Distribution Sector Scheme' (RDSS) के तहत आने वाले स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट्स हैं।

Genus Power ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर सालाना 1.8 करोड़ मीटर से ज़्यादा कर लिया है और FY26 में ही 80 से 90 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। मैनेजमेंट कंपनी को एंड-टू-एंड सॉल्यूशन और टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के तौर पर स्थापित करने की योजना बना रहा है और गैस व वाटर मीटर के साथ-साथ एक्सपोर्ट मार्केट में भी उतरने की सोच रहा है।

कंपनी ने FY26 के लिए लगभग ₹4,500 करोड़ और FY27 के लिए ₹6,000 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान लगाया है। उम्मीद है कि FY27 के अंत तक कंपनी कैश फ्लो पॉजिटिव हो जाएगी। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी पर ग्रॉस डेट ₹1,975 करोड़ था।

ED की जांच और गवर्नेंस पर सवाल

इन शानदार नतीजों के बावजूद, निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दिसंबर 2024 में की गई एक सर्च है। यह जांच कथित भ्रष्टाचार और एक बड़े स्मार्ट मीटर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है। Genus Power ने कहा है कि उन्होंने ED को पूरा सहयोग दिया है और सर्च के बाद से उन्हें कोई औपचारिक नोटिस या समन नहीं मिला है। मैनेजमेंट का दावा है कि कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।

गवर्नेंस के लिहाज़ से, Genus Power को पहले SEBI से एक शो कॉज नोटिस मिला था, जिसमें एक लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) की डिस्क्लोजर से जुड़े आरोप थे। हालांकि, SEBI ने इस मामले में बिना किसी जुर्माने के कार्यवाही को समाप्त कर दिया था।

मार्केट में स्थिति

Genus Power भारतीय स्मार्ट मीटरिंग और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी है। इस सेक्टर में HPL Electric & Power, ITI Limited, Secure Meters, L&T Electrical & Automation, Schneider Electric India और Adani Energy Solutions जैसे कई बड़े नाम हैं। Genus Power मीटर और स्मार्ट मीटर के मार्केट शेयर में अग्रणी है, जहां उसका मार्केट शेयर क्रमशः 27% और 70% है (मार्च 2024 तक)। सरकारी पहलों जैसे RDSS से इस सेक्टर में काफी डिमांड बनी हुई है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.