Gateway Distriparks: Q3 में मुनाफा 85% गिरा, पर कंपनी हुई कर्ज-मुक्त; शेयर में दिखी तेजी

Industrial Goods/Services|
Logo
AuthorSaanvi Reddy | Whalesbook News Team

Overview

Gateway Distriparks के निवेशकों के लिए Q3 नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **85%** घटकर **₹68 करोड़** रह गया। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह Snowman Logistics का सब्सिडियरी के तौर पर कंसॉलिडेशन है। मगर, परिचालन (operations) के मोर्चे पर कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया है। रेवेन्यू में **39.2%** की शानदार बढ़त दर्ज की गई है, वहीं EBITDA भी **26.6%** उछला है। इन सब के बीच, कंपनी कर्ज-मुक्त (debt-free) हो गई है, जिसकी खुशी में एक स्पेशल डिविडेंड भी घोषित किया गया है।

मुनाफे में गिरावट, पर छिपी हैं ग्रोथ की कहानियां

Q3 में Gateway Distriparks के मुनाफे में आई 85% की गिरावट, यानी ₹455.4 करोड़ से घटकर ₹68 करोड़ पर आना, सतही तौर पर देखने में चिंताजनक लग सकता है। लेकिन इसके पीछे Snowman Logistics का सब्सिडियरी बनना है। 24 दिसंबर 2024 से Snowman Logistics की सब्सिडियरी बनने के बाद, उसके एसेट्स के फेयर वैल्यूएशन से ₹390.77 करोड़ की एकमुश्त आय (exceptional income) हुई, जिसे तुलनात्मकता के लिए रिपोर्टेड आंकड़ों से अलग रखा गया है।

ऑपरेशनल फ्रंट पर दमदार प्रदर्शन

हालांकि, इस बॉटम-लाइन पर असर के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू में 39.2% की जोरदार बढ़त देखी गई, जो ₹560.4 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA में 26.6% का इजाफा हुआ और यह ₹122.4 करोड़ रहा। हालांकि, इस ग्रोथ के साथ EBITDA मार्जिन में थोड़ी नरमी आई, जो पिछले साल के 24% से घटकर 21.8% रह गया। यह बढ़ी हुई ऑपरेटिंग कॉस्ट या प्राइसिंग प्रेशर का संकेत हो सकता है।

कर्ज-मुक्त होने का जश्न और शेयरहोल्डर रिटर्न

Snowman Logistics का सब्सिडियरी बनना कंपनी की इंटीग्रेटेड टेम्परेचर-कंट्रोल्ड लॉजिस्टिक्स में स्ट्रैटेजिक पुश को दर्शाता है। भले ही इसके कंसॉलिडेशन से नेट प्रॉफिट पर अकाउंटिंग इम्पैक्ट पड़ा हो, कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को निराश नहीं किया। FY26 के लिए, Gateway Distriparks ने ₹0.75 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) और ₹1.25 प्रति शेयर का स्पेशल अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह स्पेशल डिविडेंड कंपनी के इतिहास में पहली बार नेट-डेब्ट-फ्री (net debt-free) स्थिति हासिल करने के उपलक्ष्य में दिया जा रहा है, जो एक महत्वपूर्ण फाइनेंशियल माइलस्टोन है। हालांकि कंपनी 'नेट-डेब्ट-फ्री' होने का दावा कर रही है, मैनेजमेंट से कुछ बोरिंग्स को लेकर स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो सकती है। फिर भी, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो काफी कम है, जो हाल के समय में 0.11 से 0.185 के बीच रहा है, जो कंजर्वेटिव लिवरेज प्रोफाइल दिखाता है।

एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की उम्मीदें

मौजूदा समय में Gateway Distriparks का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 7-12x है, जो इसके पिछले 10 साल के औसत P/E (लगभग 19.33x) से काफी कम है। इसकी तुलना इसके पीयर्स से करें तो यह काफी आकर्षक लगता है। Container Corporation of India (CONCOR) का P/E लगभग 30x, Delhivery का 203x, और Transport Corporation of India का 22x है। एनालिस्ट्स Gateway Distriparks पर "Strong Buy" की राय बनाए हुए हैं, जिनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹89.44 है, जो 49% से अधिक की संभावित बढ़त का संकेत देता है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रेम किशन दास गुप्ता ने EU और USA के साथ हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) से ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। इसके अलावा, कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है। MMLP New Ankleshwar से डोमेस्टिक रेल सर्विसेज को बढ़ावा मिल रहा है, और कंपनी तीन नई हाई-कैपेसिटी रेक्स (rakes) खरीदकर और तीन लीज पर ली गई रेक्स को अपग्रेड करके Q1 FY27 तक रेल क्षमता को 37 रेक्स तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इंदौर के पास Pithampur में एक इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) का विकास भी हो रहा है। इन सभी ग्रोथ ड्राइवर्स के बावजूद, कुछ एनालिस्ट 2026 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 35% की गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं।

No stocks found.