मुनाफे और कमाई में शानदार बढ़ोतरी!
Gandhi Special Tubes Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीने के लिए अपने अन-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अपने प्रमुख पैमानों पर जोरदार ग्रोथ दर्ज की है।
Q3 FY26 के अहम आंकड़े:
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: कंपनी ने इस तिमाही में ₹4,844.21 लाख (₹48.44 करोड़) का रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹3,976.76 लाख के मुकाबले 21.82% की बड़ी बढ़ोतरी है। वहीं, पिछली तिमाही (Q2 FY26) के मुकाबले इसमें 0.85% का मामूली इजाफा हुआ है।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): इस तिमाही में कंपनी का PAT ₹1,969.97 लाख (₹19.70 करोड़) रहा, जो पिछले साल की Q3 FY25 के ₹1,516.06 लाख से 29.94% ज्यादा है। पिछली तिमाही की तुलना में PAT में 11.35% का इजाफा देखा गया है।
- Earning Per Share (EPS): प्रति शेयर आय (EPS) ₹16.81 रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹12.48 से 34.69% अधिक है। पिछली तिमाही से तुलना करें तो EPS में 15.45% की वृद्धि हुई है।
नौ महीनों का प्रदर्शन:
31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों में, कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 33.92% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹14,456.19 लाख (₹144.56 करोड़) तक पहुंच गया। इसी अवधि में PAT में 26.27% का इजाफा हुआ और यह ₹5,899.95 लाख (₹58.99 करोड़) दर्ज किया गया।
खास आइटम और 'अन्य आय' का मामला:
कंपनी के नतीजों में एक 'एक्सेप्शनल आइटम' (exceptional item) भी शामिल है, जो नई लेबर कोडिंग के तहत ₹118.12 लाख (₹1.18 करोड़) की अतिरिक्त अनुमानित देनदारी से जुड़ा है। इसका असर टैक्स-पूर्व लाभ (profit before tax) पर पड़ा है, हालांकि, इसे एक बार की घटना बताया गया है।
इसके अलावा, 'Other Income' यानी 'अन्य आय' में पिछले साल की Q3 के ₹206.84 लाख की तुलना में इस साल ₹603.40 लाख की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इस आय में 'Fair Value of Investment' भी शामिल है। खास बात यह है कि पिछले साल की Q3 FY25 में 'Fair Value of Investment' (₹681.44 लाख) उस अवधि की कुल 'Other Income' (₹206.84 लाख) से भी ज्यादा था। यह एक ऐसी विसंगति है जिस पर विश्लेषक (analysts) बारीक नजर रख सकते हैं और आगे स्पष्टता की मांग कर सकते हैं।
जोखिम और आगे का रास्ता:
नई लेबर कोडिंग से जुड़े एक्सेप्शनल आइटम से पता चलता है कि रेगुलेटरी बदलावों के कारण लागतें बढ़ सकती हैं। पिछले साल की Q3 के 'Other Income' की रिपोर्टिंग में आई विसंगति एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जिससे ऐतिहासिक आंकड़ों की सटीकता पर सवाल उठ सकते हैं। कंपनी ने अपने नतीजों में भविष्य को लेकर कोई खास गाइडेंस नहीं दी है, ऐसे में निवेशकों को 'Other Income' के आंकड़ों पर आगे और स्पष्टता का इंतजार करना होगा।