रिकॉर्ड हाई की ओर बढ़ा Gallantt Ispat का शेयर
16 अप्रैल, 2026 को Gallantt Ispat के शेयर में जबरदस्त उछाल देखा गया, जो रिकॉर्ड हाई के करीब ₹928.50 पर पहुंच गया। यह एक दिन में 18% की बड़ी बढ़ोतरी थी। पिछले सात दिनों में शेयर 64% और अप्रैल महीने में 69% चढ़ चुका है, जिसने अगस्त 2025 के अपने पिछले शिखर ₹800.60 को पार कर लिया। इस दिन शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम तीन गुना बढ़कर 42.22 मिलियन शेयर हो गया।
सरकारी सब्सिडी से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत
इस शेयर में तेजी का मुख्य कारण 1 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹233.55 करोड़ की सब्सिडी की घोषणा थी। यह सब्सिडी राज्य की निवेश नीतियों के तहत जून 2025 तक चुकाए गए स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (SGST) का रिफंड है। Gallantt Ispat ने बताया कि कंपनी पूरी तरह डेट-फ्री है और उस पर कोई टर्म लोन या असुरक्षित कर्ज नहीं है। सब्सिडी से मिली राशि को मौजूदा रिजर्व के साथ मिलाकर HDFC Bank में फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर ₹300.01 करोड़ जमा कराया गया है, जिससे कंपनी की कैश पोजीशन काफी मजबूत हुई है।
ग्रोथ के कारण और वित्तीय संभावनाएं
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) का अनुमान है कि FY26 में Gallantt Ispat के रेवेन्यू में ग्रोथ देखने को मिलेगी, जिसका मुख्य कारण मई 2025 में शुरू हुई कैपेसिटी एक्सपेंशन (क्षमता विस्तार) परियोजनाएं हैं। हालांकि, FY26 की पहली नौ तिमाहियों में स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण प्रति टन कमाई में थोड़ी कमी आई, लेकिन कुल प्रॉफिट मार्जिन फिक्स्ड कॉस्ट की बेहतर रिकवरी और वेस्ट हीट रिकवरी बॉयलर्स (WHRBs) के बढ़े हुए इस्तेमाल से मजबूत हुए हैं। WHRBs अब पावर जेनरेशन का 45% हिस्सा कवर कर रहे हैं, जो FY25 से पहले 37% था। कंपनी अपने गोरखपुर प्लांट में पेलेट, बिलेट और टीएमटी बार की क्षमता का और विस्तार कर रही है। FYE27 तक 60MW का सोलर प्लांट और अतिरिक्त कोल पावर कैपेसिटी लगाने की भी योजना है, जिसका वित्तपोषण आंतरिक बचत से किया जाएगा। इन विस्तारों का मकसद पावर कॉस्ट कम करना और एफिशिएंसी बढ़ाना है।
ऑपरेशनल स्ट्रेंथ और क्रेडिट रेटिंग
Gallantt Ispat गुजरात और उत्तर प्रदेश में दो इंटीग्रेटेड टीएमटी बार फैसिलिटीज चलाती है, जिनमें कॉस्ट कंट्रोल के लिए कैप्टिव स्पंज आयरन और बिलेट प्लांट्स शामिल हैं। गुजरात प्लांट की कांडला पोर्ट के पास लोकेशन कोल इम्पोर्ट और मार्केट एक्सेस में मदद करती है। Ind-Ra ने Gallantt Ispat की बैंक लोन रेटिंग को 'IND AA-' (स्टेबल आउटलुक) पर बरकरार रखा है। यह रेटिंग बेहतर क्रेडिट मेट्रिक्स, स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ और FY25-1QFY26 में हासिल किए गए नए आयरन ओर माइंस से बढ़ी बैकवर्ड इंटीग्रेशन को दर्शाती है। कंपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) के लिए आंतरिक फंड का उपयोग करती है और बैंक टर्म लोन के बजाय ब्याज-मुक्त राज्य सरकार के लोन का इस्तेमाल करती है।
वैल्यूएशन कंसर्न और पिछले जोखिम
बाजार में शेयर के वैल्यूएशन मेट्रिक्स भी अहम हैं। अप्रैल 2026 तक, Gallantt Ispat का पिछले बारह महीनों का P/E रेश्यो 34.37x से 43.1x के बीच था, जो इंडस्ट्री एवरेज लगभग 29.09x और पीयर कंपनी SAIL (FY25 में 21.2x) से काफी अधिक है। यह स्टॉक अपनी बुक वैल्यू का लगभग 6.60 गुना पर ट्रेड कर रहा है। हाल ही में 7 अप्रैल, 2026 के आसपास मार्केट्समोजो ने कंपनी के इम्प्रूव्ड फंडामेंटल्स को देखते हुए अपनी रेटिंग 'Sell' से बढ़ाकर 'Hold' कर दी थी।
हालांकि, ₹233.55 करोड़ का SGST रिफंड एक वन-टाइम कैश इंजेक्शन है, कोई लगातार ऑपरेशनल गेन नहीं। इसका कंपनी की लॉन्ग-टर्म अर्निंग पोटेंशियल पर असर अनिश्चित है और यह ऑपरेशनल मुद्दों को छिपा सकता है। 43.1x तक का P/E रेश्यो इंडस्ट्री और पीयर्स की तुलना में काफी महंगा लगता है। मार्केट्समोजो ने नवंबर 2024 में कंपनी की मैनेजमेंट एफिशिएंसी पर चिंता जताते हुए लो ROCE (8.66%) और फ्लैट फाइनेंशियल रिजल्ट्स के कारण इसे 'Sell' रेटिंग दी थी। वर्तमान में ROCE 19.2% हो गया है, लेकिन पिछली एफिशिएंसी की चिंताएं और डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड की अनुपस्थिति सावधानी बरतने का इशारा करती है। स्टील इंडस्ट्री का साइक्लिकल नेचर और वोलेटाइल कमोडिटी प्राइस भविष्य के प्रॉफिट और मार्जिन के लिए जोखिम बने हुए हैं।
भविष्य की ग्रोथ और विस्तार योजनाएं
Gallantt Ispat की पेलेट, बिलेट और टीएमटी कैपेसिटी में विस्तार की योजनाएं, साथ ही FYE27 तक 60MW सोलर प्लांट, लगातार लागत बचत और रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखती हैं। Ind-Ra को उम्मीद है कि इन वॉल्यूम गेन्स और ऑपरेशनल अपग्रेड्स, खासकर WHRBs और सोलर पावर के बढ़ते उपयोग से रेवेन्यू में निरंतर वृद्धि होगी। कंपनी की विस्तार योजनाओं को आंतरिक बचत से फंड करने की रणनीति मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखने के लिए विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती है। एनालिस्ट सेंटीमेंट FY26 के लिए क्षमता उपयोग और लागत में कमी के आधार पर काफी हद तक ऑप्टिमिस्टिक है, और निवेशक इन ग्रोथ प्लान्स के एग्जीक्यूशन पर नजर बनाए हुए हैं।