प्रमोटर ट्रस्ट ने बढ़ाई Gallantt Ispat में अपनी हिस्सेदारी
यह खास ट्रांजैक्शन CP Agrawal Daughters Trust के फेवर में हुआ, जिसमें Chandra Prakash Agrawal ने 50,00,000 इक्विटी शेयर्स ट्रांसफर किए। ये शेयर Gallantt Ispat की कुल इक्विटी का 2.072% हैं। यह ऑफ-मार्केट ट्रांसफर 17 मार्च 2026 को एक गिफ्ट के तौर पर पूरा हुआ और SEBI के नियमों के तहत इसे फॉर्मली डिस्क्लोज भी कर दिया गया है।
इस कदम से प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग्स का कंसॉलिडेशन (consolidation) होगा और स्टील फर्म के प्रति उनके कमिटमेंट का संकेत मिलता है। हालांकि, ऐसे इंटरनल ट्रांसफर प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी को नहीं बदलते, लेकिन ये फैमिली एसेट्स को मैनेज करने और कंट्रोल को मजबूत करने में स्ट्रैटेजिक हो सकते हैं। यह खास ट्रांजैक्शन Gallantt Ispat पर प्रमोटर ग्रुप के मजबूत प्रभाव को और पुख्ता करता है।
Gallantt Ispat, जो पहले Gallantt Metal Limited के नाम से जानी जाती थी, स्टील प्रोडक्शन, पावर जनरेशन और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे बिजनेस में एक्टिव है। प्रमोटर ग्रुप हाल के दिनों में स्टेक एडजस्टमेंट में सक्रिय रहा है। उदाहरण के लिए, फरवरी 2026 में Chandra Prakash Agrawal HUF ने 54.18 लाख शेयर्स खुद Chandra Prakash Agrawal को ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा, Gallantt Industry Private Limited जैसी एंटिटीज ओपन मार्केट से खरीदारी कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं, जिससे प्रमोटर ग्रुप की कुल होल्डिंग में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। दिसंबर 2025 तक यह होल्डिंग लगभग 69.83% थी।
कंपनी की मार्केट पोजीशन और रेगुलेटरी हिस्ट्री
स्टील सेक्टर में, Gallantt Ispat का मुकाबला JSW Steel, Tata Steel, Jindal Steel & Power और Ratnamani Metals & Tubes जैसे बड़े प्लेयर्स से है।
कंपनी का रेगुलेटरी इतिहास भी रहा है। मई 2020 में, SEBI ने 2014 के दौरान कंपनी के शेयर्स में फ्रॉडुलेंट ट्रेडिंग एक्टिविटीज के लिए 14 लोगों पर ₹28 लाख का जुर्माना लगाया था। कंपनी का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है।
फाइनेंशियल स्नैपशॉट और फ्यूचर आउटलुक
प्रमोटर होल्डिंग्स दिसंबर 2025 में खत्म हुई तिमाही में 68.93% से बढ़कर 69.83% हो गई थी।
आगे निवेशक प्रमोटर ग्रुप के अंदर किसी भी संभावित स्ट्रैटेजिक स्टेक मूवमेंट पर नजर रखेंगे। कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस और एक्सपैंशन प्लांस, खासकर कोर स्टील सेगमेंट में, अहम बने रहेंगे। अतीत के लीगल या रेगुलेटरी मुद्दों से जुड़े डेवलपमेंट पर भी नजर रखी जा सकती है। साथ ही, Gallantt Industry Private Limited जैसी एंटिटीज की हालिया प्रमोटर बाइंग एक्टिविटी की सस्टेनेबिलिटी भी दिलचस्प रहेगी।