नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Gala Precision Engineering Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (unaudited financial results) घोषित किए हैं। कंपनी ने साल-दर-साल (YoY) आधार पर अपने रेवेन्यू और प्रॉफिट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है।
स्टैंडअलोन नतीजे (Standalone Results):
- Q3 FY26 में, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 46.68% बढ़कर ₹85.25 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही (Q3 FY25) में यह ₹58.12 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो रेवेन्यू में 19.40% की बढ़त देखी गई, जो पिछले तिमाही (Q2 FY26) के ₹71.41 करोड़ से ऊपर है।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी ज़बरदस्त उछाल आया। Q3 FY26 में यह 56.87% बढ़कर ₹8.33 करोड़ हो गया, जो Q3 FY25 के ₹5.31 करोड़ की तुलना में काफी बेहतर है। हालांकि, QoQ आधार पर PAT में 0.72% की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले तिमाही (Q2 FY26) के ₹8.39 करोड़ से थोड़ा कम है।
- कंसॉलिडेटेड आधार पर, कंपनी का नेट प्रॉफिट Q3 FY26 में 56.49% YoY बढ़कर ₹8.31 करोड़ रहा।
- नौ महीनों (Nine-month period) के दौरान, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 35.21% YoY बढ़कर ₹219.74 करोड़ रहा। वहीं, नौ महीनों के लिए कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 38.05% YoY बढ़कर ₹23.22 करोड़ दर्ज किया गया।
- इन नतीजों में कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) भी शामिल हैं। स्टैंडअलोन नतीजों में कर्मचारी लाभ (employee benefits) के लिए ₹0.94 करोड़ का एकमुश्त प्रोविज़न (one-time provision) था। कंसॉलिडेटेड स्तर पर, विदेशी सब्सिडियरी (foreign subsidiary) को बंद करने से संबंधित ₹1.05 करोड़ के आइटम थे। इसके अलावा, ₹0.70 करोड़ का RoDTEP लाइसेंस (license) रिवर्सल भी शामिल है।
- कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुटाए गए फंड्स के इस्तेमाल पर भी अपडेट दिया है। 31 दिसंबर 2025 तक, ₹121.24 करोड़ में से ₹79.01 करोड़ का इस्तेमाल हो चुका है, जबकि ₹42.23 करोड़ अभी भी अनयूटिलाइज्ड (unutilized) हैं।
- हालांकि YoY ग्रोथ काफी प्रभावशाली है, लेकिन QoQ आधार पर PAT में आई मामूली गिरावट और सबसे महत्वपूर्ण बात - मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के प्रदर्शन या आउटलुक (outlook) पर किसी भी तरह की गाइडेंस (guidance) जारी न करना, निवेशकों के लिए एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार आगे कितनी बनी रहेगी या किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
- निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि बचे हुए IPO फंड्स का इस्तेमाल कैसे किया जाता है और क्या आने वाली तिमाहियों में प्रॉफिट का यह ट्रेंड सुधरता है या नहीं।
