GSFC ने दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू तो **49%** बढ़ा है, लेकिन बढ़ती लागत के कारण नेट प्रॉफिट **38%** घटकर **₹200.24 करोड़** रह गया है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Gujarat State Fertilizers & Chemicals (GSFC) के नतीजों में एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। कंपनी ने ऑपरेशन से प्राप्त रेवेन्यू में 49% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जो बढ़कर ₹4,740.94 करोड़ हो गया है, लेकिन इसका फायदा मुनाफे में नहीं दिख रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 38.2% गिरकर ₹200.24 करोड़ पर आ गया है।
मार्जिन पर भारी दबाव
मुनाफे में इस गिरावट की मुख्य वजह ऑपरेटिंग मार्जिन में आई कमी है। कंपनी का EBITDA मार्जिन जो पिछले साल की इसी तिमाही में 10.56% था, वह अब गिरकर 2.95% पर आ गया है। फर्टिलाइजर प्रोडक्शन के लिए जरूरी कच्चे माल जैसे सल्फर और नेचुरल गैस की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी ने कंपनी के मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
लॉजिस्टिक्स सब्सिडियरी में हिस्सेदारी घटाएगी कंपनी
नतीजों के साथ ही बोर्ड ने Gujarat Port and Logistics Company (GPLCL) में अपनी हिस्सेदारी कम करने को मंजूरी दे दी है। फिलहाल GSFC के पास 60% हिस्सेदारी है, जिसे घटाकर 11% किया जाएगा। यह फैसला गुजरात सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पुनर्गठन के निर्देशों के तहत लिया गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, GPLCL अभी एक नॉन-ऑपरेशनल कंपनी है और इसका डेली ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए नजर रखने वाली बातें
अब निवेशकों की निगाहें मार्जिन में सुधार पर टिकी हैं। कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों और सरकारी सब्सिडी नियमों पर बहुत निर्भर करते हैं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या GSFC बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या फिर कच्चे माल की कीमतें कम होने से प्रॉफिट मार्जिन में स्टेबिलिटी आती है।
