GPT Infra का बड़ा बूस्ट! गंगा पर बनेगा नया ब्रिज, ₹1201 करोड़ का मेगा कॉन्ट्रैक्ट मिला

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AuthorNeha Patil|Published at:
GPT Infra का बड़ा बूस्ट! गंगा पर बनेगा नया ब्रिज, ₹1201 करोड़ का मेगा कॉन्ट्रैक्ट मिला
Overview

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी GPT Infraprojects के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने वाराणसी में गंगा नदी पर एक नया रेल-रोड ब्रिज बनाने का ₹1201 करोड़ का एक महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।

₹1201 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट!

GPT Infraprojects Limited ने घोषणा की है कि उन्हें वाराणसी में गंगा नदी पर एक नए रेल-रोड ब्रिज (ब्रिज नंबर 11) के डिजाइन और निर्माण के लिए ₹1201.36 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में यह कंपनी के लिए एक अहम उपलब्धि है।

इस प्रोजेक्ट पर कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) के साथ मिलकर काम करेगी, जो कि एक सरकारी उपक्रम है। इस जॉइंट वेंचर (JV) में GPT Infra का हिस्सा 40% है, जो कि ₹480.54 करोड़ के बराबर है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 1461 दिनों का समय दिया गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले कुछ सालों तक कंपनी के पास काम और कमाई का जरिया बना रहेगा।

ऑर्डर बुक में बंपर उछाल

इस नए कॉन्ट्रैक्ट के साथ ही GPT Infraprojects की ऑर्डर बुक काफी मजबूत हो गई है। अब कंपनी की कुल बकाया ऑर्डर बुक ₹5,375.54 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसमें वाराणसी ब्रिज प्रोजेक्ट से उसका ₹480.54 करोड़ का हिस्सा शामिल है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अब तक कंपनी को ₹2,250 करोड़ के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिसमें इस नए प्रोजेक्ट का बड़ा योगदान है। इससे साफ है कि आने वाले सालों के लिए कंपनी की कमाई की विजिबिलिटी (visibility) काफी अच्छी है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और प्रदर्शन

GPT Infraprojects, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी, पहले कंक्रीट स्लीपर बनाती थी, लेकिन अब यह रेलवे ब्रिज, रोड कंस्ट्रक्शन और रेलवे ट्रैक डेवलपमेंट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में एक अहम खिलाड़ी बन गई है। कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट ने 9M FY25 में 95% रेवेन्यू में योगदान दिया है। पिछले 5 सालों में कंपनी ने 40.0% की CAGR से अच्छा प्रॉफिट ग्रोथ दिखाया है, और रेवेन्यू में सालाना 16.5% की वृद्धि हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, GPT Infraprojects ने अपना अब तक का सबसे ज़्यादा रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया है, साथ ही ₹3,485.7 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक हासिल की थी। कंपनी ने 41.3% का अच्छा डिविडेंड भी दिया है।

मुख्य जोखिम और आगे का रास्ता

इस बड़े प्रोजेक्ट के मिलने से कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है, लेकिन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं। इनमें प्रोजेक्ट में देरी, लागत का बढ़ जाना या साइट से जुड़ी विशेष समस्याएं शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट RVNL के साथ JV में है, इसलिए पार्टनर की कार्यक्षमता भी प्रोजेक्ट की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।

कंपनी पर ₹160.63 करोड़ की कंटींजेंट लायबिलिटी (contingent liabilities) है और प्रमोटर्स ने अपनी 50.77% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। हालिया ऑडिटर रिपोर्ट में एक 'एम्फेसिस ऑफ मैटर' (emphasis of matter) का जिक्र है, जिसमें एक पुराने प्रोजेक्ट से जुड़े आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) की बात कही गई है, जिससे ₹662.58 लाख की अनबिल्ड रेवेन्यू और रिसीवेबल्स (unbilled revenue and receivables) की रिकवरी को लेकर थोड़ी अनिश्चितता है। हालांकि, इस मामले में कंपनी के नतीजों पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

निवेशक अब इस नए ब्रिज प्रोजेक्ट की प्रगति और GPT Infra की बड़ी डील हासिल करने की क्षमता पर नज़र रखेंगे। लगातार अच्छे प्रदर्शन और मजबूत ऑर्डर बुक का प्रबंधन कंपनी के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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